अजय भट्टाचार्य
पार्टी के प्रधान प्रचारक ने अपने बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान कोलकाता की आरजी कर कॉलेज की बलात्कार पीड़िता की माताजी के पैर छुए। महिला शक्ति स्वरूपा होती हैं, छूने भी चाहिए। मां तुझे सलाम। लेकिन अभी तक बिल्किस बानो के पैरों में गिरकर माफी क्यों नहीं मांगी? कठुआ की मासूम आसिफा की मां के पैरों में क्यों नहीं गिरे? उन्नाव की रेप पीड़ित लड़की के या उसकी मां के पैरों में क्यों नहीं गिरे माफ़ी के लिए? हाथरस की उस दलित लड़की जिसका आधी रात में पुलिस ने दाह संस्कार भी कर दिया, उसकी माता के पैरों में क्यों नहीं गिरे? आज बंगाल में मतदान है, भावुक करके वोट लेने हैं। बंगाल में जंगलराज साबित करना है। एक अकेली जान सत्ता के लिए कितना कुछ कर रही है।
निशांत को जगह नहीं
खबर है कि निशांत कुमार ३ मई से पूरे बिहार का दौरा शुरू करेंगे। ऐसा करके पार्टी संभवत: राजनीतिक गतिविधियों और आधिकारिक पदों के बीच एक स्पष्ट अंतर दिखाना चाहती है। जिससे यह संकेत मिलता है कि नेतृत्व के उत्तराधिकार का मुद्दा अभी तक औपचारिक रूप नहीं ले पाया है। क्योंकि जदयू राष्ट्रीय कार्यकारिणी की जो सूची जारी की गई है उस बदले हुए ढांचे में निशांत कुमार को कोई भूमिका नहीं दी गई है। पार्टी के इस पैâसले ने कई लोगों को चौंका दिया है कि उसने नीतीश के बेटे निशांत को कोई भूमिका नहीं सौंपी है, जबकि वे पार्टी की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रूप से हिस्सा लेते रहे हैं।
अभी ‘आप’ में ही
पंजाब सरकार में के एक मंत्री के भी कमलछाप साबुन के स्नान करने की खबरें हवा में तैर रही हैं। पिछले दिनों इस मंत्री के यहां भी ईडी ने कसरत की थी। हाल ही में भाजपा में शामिल होते समय चढ्ढा ने कहा था कि सांसदों के बाद पंजाब में आप के कई विधायक टूट सकते हैं। तभी से इस मंत्री के भी फुदकने की खबर हवा में है। आखिरकार मंत्री ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि मैं भाजपा में नहीं जा रहा हूं। मैं आम आदमी पार्टी में हूं और आगे भी रहूंगा। मैं पंजाब सरकार में मंत्री हूं और कल भी मंत्री के तौर पर आप सभी से मिलता रहूंगा। वैसे ऐसे ही बयान चड्ढा भी देते थे।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं तथा व्यंग्यात्मक लेखन में महारत रखते हैं।)
