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सरकारी भ्रष्टाचार से, जनता पर आफत … मुंबईकरों पर मंडरा रही है आसमानी मौत! …कंस्ट्रक्शन साइट का ब्लॉक गिरने से युवती की मौत

– १५० परिवारों पर मंडरा रहा है जान का खतरा
– निर्माण स्थलों पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं
-मेट्रो साइट्स भी बन चुकी हैं खतरों का कारण

द्रुप्ति झा / मुंबई
राज्य में सरकारी भ्रष्टाचार से जनता आफत में है। हर तरफ लापरवाही और रिश्वतखोरी का बोलबाला है। यही वजह है कि मुंबईकरों पर ‘आसमानी मौत’ मंडरा रही है। असल में शहर में हजारों नई इमारतें निर्माणाधीन हैं। इनमें से काफी जगहों पर नियमों का पालन नहीं हो रहा है। कल जोगेश्वरी-पूर्व के एक कंस्ट्रक्शन साइट से सीमेंट का ब्लॉक गिरने से एक युवती की मौत हो गई। इससे पूरे इलाके में तनाव पैâल गया। शासन-प्रशासन के खिलाफ लोगों का गुस्सा उबल पड़ा।
बता दें कि निर्माणाधीन स्थलों पर सुरक्षा नियमों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिस वजह से कई दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसके बावजूद प्रशासन की आंखें नहीं खुल रही हैं। इससे पहले भी कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां पर सुरक्षा के नियमों का पालन नहीं करने से कई लोगों की जानें जा चुकी हैं। जोगेश्वरी में कल बुधवार सुबह साढ़े ९ बजे २२ वर्षीया लड़की अपने घर से काम पर जाने के लिए निकली थी। रास्ते में चलते समय अचानक एक निर्माणाधीन इमारत से सीमेंट का ब्लॉक लड़की के सिर पर आ गिरा। ब्लॉक गिरने से लड़की बेहोश हो गई। इसके बाद लड़की को स्थानीय लोगों ने रिक्शे से अस्पताल पहुंचाया, लेकिन ऊंचाई से गिरे सीमेंट ब्लॉक के कारण वह काफी जख्मी हो गई थी। अत्यधिक रक्तस्राव होने से युवती की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही मेघवाड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और युवती के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। आगे मामले की जांच मेघवाड़ी पुलिस कर रही है।

बेटी के लिए न्याय चाहिए
मृत युवती के पिता अनिल उमेश अमीन ने बताया कि अपनी बेटी के लिए मैं न्याय चाहता हूं। आज डेवलपर्स और कॉन्ट्रैक्टर की लापरवाही से मेरी बेटी की जान गई है। मेरी एक ही बेटी थी, जो नहीं रही। मेरी मांग है कि इस घटना के जिम्मेदार डेवलपर्स और बाकी जो भी लोग हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। आज इस जगह पर तीन सीमेंट के ब्लॉक गिरे हैं। यहां पर काम इसी तरीके से गैरजिम्मेदारी के साथ किया जा रहा है।

सुरक्षा मानकों का उल्लंघन कर
जारी है टॉवर्स का निर्माण!
-दे रहे हैं हादसों को दावत

लोगों की जान को भी खतरा है। आते-जाते वक्त उनके ऊपर भी कुछ गिर सकता है। क्या इसकी देख-रेख करना मनपा की जिम्मेदारी नहीं है?

कल जोगेश्वरी-पूर्व की एक निर्माणाधीन इमारत से सीमेंट का ब्लॉक गिरने से एक युवती की मौत हो गई। इससे पूरे इलाके में तनाव पैâल गया। असल में मुंबई में कई बिल्डरों द्वारा सुरक्षा मानकों का उल्लंघन कर टॉवरों का निर्माण किया जा रहा है। मनपा की सुरक्षा व्यवस्था की इन्हें कोई परवाह नहीं है।
बता दें कि कल जिस इमारत के पास हादसा हुआ है, उस निर्माणाधीन इमारत के आस-पास १५० परिवारों का बसेरा है, जिनके ऊपर भी जान का खतरा मंडरा रहा है।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विधायक अनंत (बाला) बी. नर ने कहा कि इस इमारत का निर्माण पिछले दो वर्षों से चल रहा है। इस दौरान यहां कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। निर्माणाधीन इमारत के बगल में ही स्लम है, जहां पर कई परिवार रहते हैं। ऐसे में उनकी जान को भी खतरा है। कल को कुछ भी हो सकता है। आते-जाते वक्त उनके ऊपर भी कुछ गिर सकता है। क्या इसकी देख-रेख करना मनपा की जिम्मेदारी नहीं है?

डर-डरकर जीने को मजबूर
स्लम में रहने वाली एक महिला ने कहा कि यहां पर हम हर रोज डर-डर कर जीने को मजबूर हो चुके हैं। पिछले दिनों से कुछ न कुछ गिर रहा है। हमारा घर से निकलना मुश्किल हो चुका है।

हो चुके हैं कई हादसे
मुंबई में निर्माणाधीन इमारतों में सुरक्षा की कमी एक गंभीर समस्या बनी हुई है, जिसके कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। मार्च २०२४ में बोरिवली में एक निर्माणाधीन इमारत का मचान गिर जाने से तीन मजदूरों की मौत हो गई थी। जुलाई २०२४ में मालाड में एक अन्य दुर्घटना में एक मजदूर की मौत और दो अन्य घायल हो गए थे। उन्हें कोई सुरक्षा उपकरण नहीं दिए गए थे।
हाई कोर्ट के आदेश की भी परवाह नहीं
ऐसी कई दुर्घटनाओं के बाद, मुंबई हाई कोर्ट ने अगस्त २०२५ में एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को लागू करने का आदेश दिया था। जिसमें कहा गया था कि उच्च जोखिम वाले निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने पर नागरिक और आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई नियमों का पालन नहीं करता है तो निर्माण कार्य को बंद करने का नोटिस जारी किया जाए और तत्काल कार्रवाई की जाए। इन सभी नियमों के बावजूद सुरक्षा मानकों का उल्लंघन जारी है।

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