-मार्को रूबियो के बयान पर विपक्ष का केंद्र पर तीखा वार
-नेता प्रतिपक्ष ने मोदी को बताया कमजोर `प्रधान’
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो के एक बयान को लेकर देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली की सत्ता अब देश नहीं बल्कि अमेरिका के इशारों पर चल रही है। दरअसल, हाल ही में मार्को रूबियो ने कहा था कि होर्मुज से गुजरने वाले सभी वाणिज्यिक जहाजों को अमेरिकी बलों के निर्देशों का पालन करना चाहिए। उनके इस बयान के बाद लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी को `कमजोर प्रधान’ बताते हुए कहा कि विदेश नीति और राष्ट्रीय हितों के मुद्दों पर सरकार की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। विपक्ष ने सवाल उठाया कि आखिर भारत से जुड़े मामलों पर अमेरिकी नेताओं के बयान क्यों निर्णायक नजर आ रहे हैं और केंद्र सरकार इस पर चुप क्यों है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद अमेरिका के बयान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद, न अफसोस, न माफी, उल्टा, अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है। राहुल गांधी ने पोस्ट में लिखा, `एक आजाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा। लेकिन, हमारे `कंप्रोमाइज्ड पीएम’ चुप हैं। एक आज्ञाकारी नौकर की तरह सुनते हैं और आदेश मान लेते हैं। `कंप्रोमाइज्ड पीएम’ देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेगा, क्योंकि जो देश का अपमान करते हैं, वो उन्हीं के वश में हैं। राहुल गांधी ने कहा कि `कंप्रोमाइज्ड पीएम’ के राज में एक भारतीय होने का मतलब दुर्गति है। विदेशी ताकत हमारे नागरिकों को मारती है।’
`मोदी का मौन शर्मनाक’
इस मामले पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के बाद मोदी सरकार का मौन शर्मनाक है। अमेरिका इन हत्याओं पर अफसोस जताने और माफी मांगने की जगह धमकी और आदेश की भाषा इस्तेमाल कर रहा है।
