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अच्छे गुरु मिले होते तो दिल्ली जाकर रोना न पड़ता! … उद्धव ठाकरे का शिंदे पर करारा तंज

जिंदगी में अच्छा गुरु और अच्छी शिक्षा न मिले तो यही होता है। उन्हें मशाल का महत्व समझ में नहीं आया और कभी समझ में भी नहीं आएगा। यही वजह है कि लोग दिल्ली जाकर कहते हैं कि ‘बाबा, उन्होंने मुझे मारा’ इस उम्र में यह लाचारी आने की नौबत क्यों आई?

सामना संवाददाता / मुंबई
घात करने वाले शिंदे गुट को अब भाजपा तोड़ रही है। इस तोड़- फोड़ की राजनीति से परेशान होकर घाती गुट के मुखिया को दिल्ली में जाकर रोना-धोना पड़ रहा है। दरअसल, यह शिक्षा का अभाव है। यदि कोई अच्छा गुरु मिला होता तो आज दिल्ली में जाकर रोना-धोना नहीं पड़ता। ऐसा जोरदार तंज शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने घाती गुट पर किया है।
कल महाराष्ट्र राज्य शिक्षक सेना के कार्यक्रम में बोलते हुए उद्धव ठाकरे ने उप मुख्यमंत्री शिंदे की दिल्ली यात्रा पर तंज कसते हुए शिंदे भाजपा में चल रही फूट पर भी जोरदार प्रहार किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में स्कूलों की ओर देखने का समय नहीं है। बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी हमारी नहीं। हमें सिर्फ और सिर्फ पार्टी तोड़नी है, विधायक–सांसद तोड़ने हैं। किसी तरह कुर्सी मिल जाए, बाकी दुनिया जाए भाड़ में, ऐसा माहौल आज बना हुआ है। लोग भी सिर्फ ‘रेवड़ियों’ पर बहककर गलत लोगों का चयन करते हैं। इसलिए लोगों को सही चुनाव कैसे करना चाहिए, यह सिखाने का काम शिक्षकों को करना चाहिए।

रेवड़ियों के चक्कर में न आएं 
गलत लोगों का न करें चुनाव!
उद्धव ठाकरे की जनता से अपील

राज्य ही नहीं, पूरे देश में चुनाव जीतने के लिए भाजपा सरकार रेवड़ियां बांट रही है। सरकारी खजाना खाली हो गया है। देश और राज्य की अर्थव्यवस्था डूब रही है। महाराष्ट्र साढ़े नौ लाख करोड़ रुपए के कर्ज में हैं फिर भी यह सरकार तोड़-फोड़ की राजनीति के साथ रेवड़ियां बांटने की संस्कृति को बढ़ावा देकर जनता को बहला रही है। इसका नुकसान भी जनता को ही भुगतना पड़ेगा, ऐसा जोरदार हमला शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा और राज्य की महायुति सरकार पर बोला है। उन्होंने कहा कि रेवड़ियों के चक्कर में लोगों को नहीं आना चाहिए। गलती से भी चुनाव में गलत लोगों का चयन न करें। अन्यथा समाज और देश को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
महाराष्ट्र राज्य शिक्षक सेना के कार्यक्रम में बोलते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि इंटरनेट पर जानकारी तो मिलती है, लेकिन जब जानकारी को अनुभव का साथ मिलता है, तभी वह ज्ञान बनती है। उसी जानकारी को ज्ञान में बदलकर अच्छी मूर्तियां गढ़ने का कार्य आपका है। इस काम के लिए आप जो भी मदद हमारी तरफ से चाहेंगे, हम यथाशक्ति करेंगे। यह एक आश्वासन मैं आपको देता हूं।’ इस कार्यक्रम में शिक्षक–विधायक ज. मो. अभ्यंकर सहित शिक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

 

भ्रष्टाचार करने वालों का ‘बाप’ कौन?
२०१४ के दौरान हमने ८वीं से १०वीं के छात्रों को टैब में एसडी कार्ड के माध्यम से शिक्षा देना शुरू किया था। इससे बच्चों के बस्तों का बोझ कम हुआ। आदित्य ने भी शिक्षा विभाग में अच्छा काम किया। पर अब वे योजनाएं चालू हैं या नहीं, यह पता नहीं। क्योंकि पिछले तीन–चार वर्षों से मनपा में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। यहां भ्रष्टाचार करने वालों का असली बाप कौन है? यहां कौन–सी लूट चल रही है, यह भी किसी को पता नहीं, ऐसा उद्धव ठाकरे ने कहा।

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