-हनीफ जवेरी
सिनेमा की दुनिया में एक पुरानी कहावत है कि किसी फिल्म को बनाना जितना मुश्किल है, उससे कहीं ज्यादा मुश्किल उसे दर्शकों तक पहुंचाना है। क्योंकि फिल्म की कामयाबी सिर्फ उसकी कहानी, कलाकारों की अदाकारी और निर्देशन पर निर्भर नहीं करती, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करती है कि उसे दर्शकों के सामने किस तरह पेश किया जाता है। फिल्म के लिए सही पब्लिसिटी ज़रूरी है। लेकिन पब्लिसिटी किसी फिल्म के लिए गलत भी साबित हो सकती है और उसकी बर्बादी का सबब भी। पब्लिसिटी के जरिए किसी फिल्म को सुर्खियों में तो लाया जा सकता है, लेकिन अगर प्रचार का तरीका गलत हो, तो वही सुर्खियां फिल्म के खिलाफ माहौल भी बना सकती हैं! ऐसा ही कुछ कई फिल्मों के साथ भी हुआ।
१९८० के दशक में अपने जमाने की मशहूर अभिनेत्री अमिता की पुत्री सबिया ने राजेश खन्ना के साथ फ़िल्म ‘अनोखा रिश्ता’ से हिंदी फ़िल्म जगत में कदम रखा। फिल्म जब लगभग पूरी हो चुकी थी, तब उन्हें एहसास हुआ कि फिल्म की मुख्य नायिका स्मिता पाटील हैं और ऐसे में उनकी भूमिका दबकर रह जाएगी। उन्होंने सोचा कि सुर्खियों में बने रहने और लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए कोई ऐसा कदम उठाना होगा, जिससे उनकी चर्चा होने लगे। बताया जाता है कि किसी की गलत सलाह पर उन्होंने ऐसा विवाद खड़ा कर दिया, जिसने फिल्म जगत में हलचल मचा दी। उन्होंने आरोप लगाया कि सुपरस्टार राजेश खन्ना की नीयत उनके प्रति ठीक नहीं थी। फिर क्या था! देखते ही देखते मीडिया में राजेश खन्ना और सबिया को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया।
दूसरी ओर, राजेश ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट कहा कि सबिया जिस घटना का जिक्र कर रही हैं, वैसी कोई घटना कभी हुई ही नहीं थी। सबिया का यह पब्लिसिटी स्टंट उन्हें बहुत महंगा पड़ा। फिल्म जगत के दूसरे कलाकार भी उनके साथ काम करने से कतराने लगे और उनका करियर संवरने के बजाय बुरी तरह प्रभावित हो गया। राजेश खन्ना ने अपनी सफाई में यह भी दावा किया कि सबिया की मां अमिता ने उनसे संपर्क कर बेटी का करियर संवारने की गुजारिश की थी। राजेश के अनुसार, जब उन्होंने इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया, तो मां-बेटी ने उन पर आरोप लगाकर यह पब्लिसिटी स्टंट किया। लेकिन इन तमाम घटनाओं के बीच सबिया का करियर आगे बढ़ने के बजाय लगातार पिछड़ता चला गया।
महेश भट्ट के निर्देशन में बनी हिंदी फिल्म क्रिमिनल की रिलीज से ठीक तीन दिन पहले, फिल्म को चर्चा में बनाए रखने के लिए उसके पीआर विभाग ने एक खबर छपवा दी कि एक क्रिमिनल ने फिल्म की नायिका मनीषा कोइराला की हत्या कर दी है। यह खबर सामने आते ही फिल्म इंडस्ट्री में सनसनी फैल गई। हालांकि, खबर के नीचे छोटे अक्षरों में ‘विज्ञापन’ लिखा हुआ था। लेकिन इस गलत प्रचार का खामियाजा फिल्म के हिंदी संस्करण को भुगतना पड़ा और वह बॉक्स ऑफिस पर दम तोड़ दी। इसके विपरीत, तेलुगु संस्करण बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुआ। क्रिमिनल के इस पब्लिसिटी स्टंट से मनीषा कोइराला खुद भी बेहद नाराज हुई थीं, क्योंकि इसका असर उनके रिश्तेदारों और शुभचिंतकों पर भी पड़ा था। फिल्म ‘अनोखा रिश्ता’ और ‘क्रिमिनल’ से जुड़े पब्लिसिटी स्टंट फिल्म पूरी होने के बाद किए गए थे, लेकिन फिल्म ‘हरामजादा’ के मामले में तो फिल्म का मुहूर्त होने से पहले ही उस पर ताला लग गया। दरअसल, सिर्फ पब्लिसिटी बटोरने के लिए फिल्म के मुहूर्त के कार्ड पर नशेड़ी से शराबी! लिखा गया जिसे पढ़कर फिल्म में शीर्षक भूमिका निभाने वाले संजय दत्त इस कदर नाराज़ हुए कि उन्होंने मुहूर्त पर आना तक उचित नहीं समझा। नतीजा यह हुआ कि फिल्म कभी शुरू ही नहीं हो पाई।
