-लद्दाख वार्ता बेनतीजा; बोले, अपनी ही सरकार ऐसा व्यवहार करे तो कहां जाएं?
-वादाखिलाफी पर सोनम वांगचुक का केंद्र से सवाल
सामना संवाददाता / लेह
लद्दाख के प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के बीच बातचीत बेनतीजा रहने के बाद पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि हम किस तरह के रामराज्य की बात कर रहे हैं, जहां वचन निभाने का आदर्श ही भुला दिया जाए?
एक वीडियो संदेश में वांगचुक ने कहा कि लद्दाख के लोगों को बातचीत में कुछ मामूली मतभेद होने की उम्मीद थी, लेकिन दोनों पक्षों के रुख में बहुत बड़ा अंतर निकला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार निर्वाचित विधानसभा के अधिकारों और अनुच्छेद ३७१ के तहत विशेष सुरक्षा संबंधी आश्वासनों से पीछे हट रही है।
वांगचुक के अनुसार, प्रस्तावित विधानसभा सीमित अधिकारों वाली होगी और मुख्य सचिव उसके अधीन नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि लद्दाख के प्रतिनिधि छठी अनुसूची के स्थान पर अनुच्छेद ३७१ के तहत विशेष सुरक्षा के आश्वासन पर सहमत हुए थे, लेकिन अब उस पर भी मतभेद सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि लद्दाख के लोग हर युद्ध में देश के साथ खड़े रहे हैं और दुश्मनों का सामना करते आए हैं। लेकिन जब अपने ही देश की सरकार ऐसा व्यवहार करे, तो लोग क्या करें और कहां जाएं?
