मुख्यपृष्ठसमाचारगर्मी ने निगलीं १,३०० जिंदगियां!

गर्मी ने निगलीं १,३०० जिंदगियां!

-आग की भट्ठी बना यूरोप

-मुर्दाघर भी खचाखच भरे

यूरोप इस समय भीषण हीटवेव की गिरफ्त में है और हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि इसे अब सिर्फ गर्मी नहीं, बल्कि `साइलेंट किलर’ कहा जा रहा है। लगातार ४० डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचते तापमान ने प्रâांस, स्पेन, इटली, पोलैंड, चेक गणराज्य और लिथुआनिया समेत कई देशों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। अब तक १,३०० से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें अकेले प्रâांस में एक हजार से ज्यादा जानें गई हैं। सबसे ज्यादा शिकार ६५ वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग बने हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने चेतावनी दी है कि हीट स्ट्रेस एक `साइलेंट किलर’ है, जो बिना शोर किए लोगों की जान ले रहा है। उन्होंने कहा कि यूरोप दुनिया का सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप बन चुका है और ऐसी घातक हीटवेव अब अपवाद नहीं, बल्कि हर साल की हकीकत बनती जा रही है। भीषण गर्मी के बीच एयर कंडीशनर और पंखों की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। दुकानों में एसी की खरीद के लिए होड़ मची है, जबकि इंस्टॉलेशन कंपनियां ऑर्डरों के दबाव से जूझ रही हैं।
-बढ़ सकता है मौत का आंकड़ा
दूसरी ओर, एसी को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। एक पक्ष इसे लोगों की जान बचाने का जरिया बता रहा है, तो दूसरा बड़े पैमाने पर इसके इस्तेमाल को जलवायु संकट और बिजली व्यवस्था के लिए नया खतरा मान रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि प्रभावी राहत और हीट-एक्शन प्लान लागू नहीं किए गए, तो आने वाले दिनों में मौतों का आंकड़ा और भयावह हो सकता है।

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