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‘भाषा की भाव भूमि है हिंदी’ काव्यपाठ से श्लेष गौतम ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया

राजेश सरकार / प्रयागराज
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संबद्ध राजर्षि टंडन महिला महाविद्यालय में बुधवार को राष्ट्रभाषा हिन्दी सप्ताह के क्रम में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। काव्य सम्मेलन में सुविख्यात कवि व मंच संचालक डॉ श्लेष गौतम ने ‘भाषा की भाव भूमि है हिंदी’ शीर्षक वाली कविता के माध्यम से हिंदी भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके साथ महिला गौरव, सच्चे साथी की बुराई एवं भातृत्व प्रेम पर अपनी कविता प्रस्तुत की। जय अवस्थी ने अपनी कविता के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, वीर रस केंद्रित भारत माता का गुणगान करते हुए देशद्रोहियो पर कड़ा प्रहार किया।

नवोदित कवियत्री मिस्बाह अलाहवादी ने “मैं हिंदी की दीवानी हुं” कविता के माध्यम हिंदी भाषा व महिला शक्ति की गरिमा पर प्रकाश डाला। हास्य एवं व्यंग्य कवि नजर पाण्डेय ने अपनी प्रस्तुती “अउर का” एवं “पत्नी से डर” तथा “भारत भाषा मैं हिंदी हूं” के साथ बेटियों के महत्व पर कविता के माध्यम से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।अभिजीत मिश्रा ने अपनी जोरदार और सब में उत्साह कर भर देने वाली कविता” मेरी कविता हिंदुस्तान की कण कण लिखने वाला है” के माध्यम से वीर रस, राष्ट्रप्रेम, देश प्रेम और सैनिक शहीद पर प्रस्तुति दी। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर रंजना त्रिपाठी ने अतिथियों का स्वागत और कवि सम्मेलन की संयोजिका प्रोफेसर नीलिमा सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन डॉक्टर वर्षा अग्रवाल ने किया। कवि सम्मेलन में महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं, शोधार्थी उपस्थित थे।

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