-विजय वडेट्टीवार का भाजपा पर सीधा आरोप
सामना संवाददाता / मुंबई
विधान परिषद चुनाव के आते ही नगरसेवकों की निकल पड़ी है। असल में हॉर्स ट्रेडिंग के तहत उनका रेट तय कर दिया गया है। एक नगरसेवक का रेट १५ लाख रुपए फिक्स किया गया है। इस बात का विस्फोटक खुलासा कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने किया है। इसके साथ ही कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अब राजनीति और समाजसेवा में ईमानदारी नहीं बची है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरा राजनीतिक तंत्र धीरे-धीरे उद्योगपतियों और ठेकेदारों के हाथों में जा रहा है, जिससे भविष्य में विधानमंडलों में आम आदमी की भागीदारी समाप्त हो जाएगी।
विधान परिषद चुनाव की पृष्ठभूमि में आयोजित पत्रकार परिषद में वडेट्टीवार ने कथित घोड़ेबाजार, धनबल और देश की आर्थिक स्थिति को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव अब लोकतांत्रिक प्रक्रिया न रहकर पैसों का खेल बनता जा रहा है। इस विधान परिषद चुनाव में पहले ही प्रत्येक नगरसेवक का रेट तय हो गया है।
नहीं बचेगा लोकतंत्र
वडेट्टीवार ने चुनावों में बढ़ती धनशक्ति का उल्लेख करते हुए दावा किया कि कुछ नगरसेवकों को अपने पक्ष में करने के लिए पहले ही ५-५ लाख रुपए दिए गए थे, जबकि अब यह ‘रेट’ बढ़कर १५ लाख रुपए प्रति वोट तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि अगर एक वोट के लिए १५ लाख रुपए दिए जा रहे हैं तो क्या भविष्य में लोकतंत्र बच पाएगा?
१०० करोड़ पहुंचा खर्च
उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी चुनाव प्रक्रिया करीब १०० करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है और आम लोगों के लिए चुनाव लड़ना लगभग असंभव हो गया है।
२०१४ के बाद बढ़ी गलत परंपरा
कांग्रेस नेता ने कहा कि २०१४ के बाद से राजनीति में धनबल और सत्ता के दुरुपयोग की गलत परंपरा तेजी से बढ़ी है। उनके अनुसार, चुनावों के दौरान नेताओं और नगरसेवकों की ‘खरीद-फरोख्त’ अब सामान्य बात बन चुकी है, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है।
