-गोरखपुर में दबोचे गए तीन हथियार तस्कर!
मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
विधानसभा चुनाव 2027 से पहले यूपी को रक्तरंजित करने की तैयारी हो रही है। दुश्मनों को ठिकाने लगाने के लिए शूटर से लेकर हथियार तक जुटाए जा रहे हैं। बिहार से अवैध हथियार लाकर यूपी में खपाए जा रहे हैं। तीन तस्कर लंबे समय से बड़ी मात्रा में हथियार लाकर यूपी में बेचते थे। सटीक मुखबिरी के चलते यूपी एसटीएफ और गोरखपुर के एम्स थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय अवैध असलहा तस्करी गिरोह से जुड़े तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से टीम ने असलहे, नकदी और बिना वैध कागजात की बुलेट मोटरसाइकिल के अलावा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। तीनों आरोपी बिहार के सिवान और गोपालगंज से हथियार खरीदकर पूर्वांचल में गोरखपुर व उससे सटे जिलों में ऊंचे दामों पर बेचते थे। चार दिन पहले भी हथियार तस्करों की गिरफ्तारी हुई थी।
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि बिहार से अवैध हथियार लेकर कुछ तस्कर गोरखपुर आने वाले हैं। एसटीएफ प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह के निर्देशन में टीम लगातार इनपुट जुटा रही थी। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि तीन तस्कर माड़ापार के कोनी तिराहे पर हथियारों की खेप लेकर मौजूद हैं। सूचना मिलते ही एसटीएफ के उपनिरीक्षक विनायक सिंह और एम्स थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार अवस्थी ने संयुक्त टीम के साथ घेराबंदी कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान सचिन शर्मा पुत्र सुरेश शर्मा, जिला सिवान, मंजीत कुमार सिंह पुत्र बृजकिशोर सिंह, जिला सिवान तथा सौरभ शुक्ला उर्फ निति निवासी बसडीला, थाना चौरीचौरा, जिला गोरखपुर के रूप में हुई है।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे बिहार के सिवान और गोपालगंज के कुख्यात हथियार तस्करों अनुराग कुमार, मिक्की उर्फ गोलू कुमार और मंजीत सिंह से अवैध असलहे खरीदते थे। इसके बाद इन्हें गोरखपुर और आसपास के जिलों में अधिक कीमत पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे। जांच में पता चला कि जिन तीन तस्करों के नाम आरोपियों ने बताए हैं, वे 24 जून 2026 को बिहार के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में अवैध हथियार तस्करी के मामले में गिरफ्तार होकर जेल जा चुके हैं।
बिहार के सिवान और गोपालगंज से अवैध हथियार खरीदे जाते थे। गोरखपुर लाकर ग्राहकों की तलाश की जाती थी। एक पिस्टल लगभग 25 हजार रुपये और एक देशी तमंचा 12 हजार रुपये तक में बेचा जाता था। मुनाफे की रकम से आरोपी ऐशो-आराम और अपने शौक पूरे करते थे। एसटीएफ अब नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों और संभावित खरीदारों की तलाश में जुटी है। आरोपियों के पास से 0.32 बोर की एक पिस्टल, एक मैगजीन, 12 बोर के दो देशी तमंचे, 10 जिंदा कारतूस, 0.32 बोर के चार कारतूस, तीन मोबाइल फोन, नकदी और एक बुलेट मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
