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सी-लिंक पर लगे अवैध डिजिटल विज्ञापन … बढ़ा दुर्घटना का खतरा! …तेज रोशनी से हो रही चालकों की नजरें प्रभावित

सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) के बांद्रा-वर्ली सी ब्रिज पर पिछले कुछ दिनों से डिजिटल विज्ञापन दिखाई दे रहे हैं। इन विज्ञापनों से दृश्य प्रदूषण का खतरा पैदा हो गया है और प्रकाश सीमा का भी उल्लंघन हो रहा है। साथ ही वाहन चालकों की दृष्टि प्रभावित हो रही है, जिससे दुर्घटना का डर बना हुआ है। खास बात यह है कि इन विज्ञापनों के लिए ट्रैफिक पुलिस से कोई अनुमति नहीं ली गई है। ऐसे में यह बात सामने आई है कि ये विज्ञापन अनधिकृत हैं। ट्रैफिक पुलिस ने इस संबंध में मिली शिकायत को गंभीरता से लिया है और इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बता दें कि एमएसआरडीसी ने ५.६ किमी लंबा बांद्रा-वर्ली सी-लिंक ब्रिज बनाया है। इस ब्रिज को मार्च २०१० में शुरू किया गया था। इस ब्रिज की वजह से बांद्रा-वर्ली का सफर काफी सुगम हो गया है। पिछले कुछ दिनों से इस सी ब्रिज पर लगे केबल स्टे पर डिजिटल विज्ञापन दिखाई दे रहे हैं। इनमें जिलेट ब्लेड, फिल्मफेयर, सुपरमैन वैंâपेन जैसे विज्ञापन शामिल हैं। आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने आरोप लगाया है कि ये डिजिटल विज्ञापन अनधिकृत हैं। उन्होंने इस संबंध में ट्रैफिक पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने इस संबंध में एमएमआरडीसी को भी पत्र भेजकर मांग की है कि इन विज्ञापनों को तुरंत हटाया जाए।

दुर्घटनाएं होने का बढ़ा खतरा
बांद्रा-वर्ली सी लिंक एक हाई-स्पीड रोड है और इस पर बड़ी संख्या में वाहन तेज गति से चलते हैं। ऐसे में डर है कि डिजिटल विज्ञापनों से वाहन चालकों की आंखों में अंधेरा छा जाएगा, उनकी दृष्टि प्रभावित होगी और दुर्घटनाएं होंगी। दृश्य प्रदूषण का भी डर है। ऐसे में एमएसआरडीसी से इन आधिकारिक विज्ञापनों को तुरंत हटाए जाने की मांग की जा रही है।

यातायात शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त अनिल कुंभारे ने बताया कि सागर पुल पर डिजिटल विज्ञापन के लिए यातायात पुलिस से अनुमति नहीं ली गई है और उसी के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इस बारे में एमएसआरडीसी से पूछा गया, लेकिन अभी तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला है।

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