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लखीमपुर बवाल में ग्रामप्रधान सहित 82 नामजद व 200 अज्ञात हुए आरोपित…पुलिस चढ़ी तो घर छोड़कर भागे आरोपी!

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ

लखीमपुर खीरी के गांव मोतीपुर ग्रांट नंबर दस में मंगलवार को जम कर बवाल हुआ। इस मामले में प्रधान सहित 82 लोगों को नामजद और 200 से अधिक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। गांव में तनावपूर्ण शांति है और पुलिस-पीएसी तैनात है। बवाल के दौरान पुलिस और निजी आठ वाहन क्षतिग्रस्त हुए थे। घायल चंदा देवी ने हत्या के प्रयास सहित गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराया है। मैलानी इंस्पेक्टर ने भी 74 लोगों को नामजद करते हुए एक और मामला दर्ज किया है। विवादित भूमि पर आंबेडकर की जयंती के मौके पर रखी गई प्रतिमा से कथित तोड़-फोड़ के बाद हुए बवाल के दौरान पुलिस प्रशासन व निजी आठ वाहनों को उपद्रवियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया था। घायल मैकूपुर निवासी चंदा देवी ने दर्ज कराए मुकदमे में कहा है कि 14 अप्रैल की शाम मोतीपुर निवासी उनकी भतीजी सुनीता देवी ने सूचना दी थी कि ग्राम प्रधान विरेंद्र, काशीराम, जैपाल, वीरपाल, रामधनी, अवधेश वैयनामी जमीन में अवैध रूप से आंबेडकर प्रतिमा रखने का प्रयास कर रहे हैं।
जब चंदा देवी मौके पर पहुंची तो आरोपी उसकी भतीजे को पीट रहे थे। आरोपियों के साथ अन्य कौशल, गुड़िया और करीब 200 से अधिक लोग इकट्ठा हो गए। चंदा देवी ने बताया कि आरोपियों ने पेट्रोल डालकर उन्हें जिंदा जलाने का प्रयास किया। घायल महिला की तहरीर पर आठ नामजद और करीब 200 अज्ञात के खिलाफ बलवा, हत्या का प्रयास, हिंसा के लिए उकसाने सहित संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। सीओ रमेश कुमार तिवारी ने बताया कि मैलानी इंस्पेक्टर बृजेश कुमार मौर्य की ओर से 74 लोगों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया है। बवाव के बाद पुलिस की कई टीमों ने आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी है। गांव में सन्नाटा पसरा है। वहीं आरोपी घर छोड़कर भाग निकले हैं। घर पर महिलाएं मिलीं, जिन्होंने बवाल का ठीकरा पुलिस पर फोड़ा है।
बवाल के उपद्रवियों ने करीब पांच घंटे तक जमकर बवाल मचाया। रास्ते में जो वाहन आया उसे तहस-नहस करते चले गए। जो मिला उसे पर हमलावर हो गए। नायब तहसीलदार, सीओ, मैलानी इंस्पेक्टर सहित सरकारी और निजी सहित आठ वाहन क्षतिग्रस्त हुए। बवाल में करीब 25 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान जताया जा रहा है। बवाल में महिला और प्रशासन-पुलिस के नौ लोग चोटिल हुए। आरोपियों ने दो वाहन जलाए और दो वाहन नहर में पलट दिए। विवादित भूखंड बांकेगंज के मुख्य मार्ग पर स्थित है। इसलिए यह भूखंड बेशकीमती है। प्रथम दृष्टया भूखंड पर कब्जा करने की मंशा उजागर हुई है। गांव वालों के अनुसार, इस जमीन को हथियाने को लेकर विवाद हुए हैं। इस भूखंड पर अंबेडकर जयंती का पहली बार आयोजन करने की रूपरेखा सुनियोजित ढंग से तैयार की गई।
मोतीपुर गांव कस्बा बांकेगंज का निकटवर्ती गांव है। गाटा संख्या 1167 पर मुख्य मार्ग के किनारे की 6535 वर्ग फीट खाद गड्ढों की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर कई पक्के निर्माण खड़े हैं। वर्तमान में इस जमीन का मुख्य मार्ग से सटा हुआ मुश्किल से 2000 वर्ग फीट भूखंड खाली पड़ा है। जिस पर सुनियोजित ढंग से कब्जा करने का प्रयास किया गया। हालांकि, मौखिक रूप से लोग इसे आंबेडकर पार्क की जमीन बता रहे हैं। पूर्व में जब से जमीन पर कब्जे हुए, तब प्रशासन में प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिससे लोगों के हौसले बुलंद हुए और मंगलवार को मामले में बवाल का रूप ले लिया। बवाल के बाद प्रशासन ने बुधवार को राजस्व निरीक्षक प्रेम सिंह, क्षेत्रीय लेखपाल पूजा कनौजिया भूमि की नापजोख कराकर कब्जेदारों का चिन्हांकन शुरू कर दिया है।

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