संदीप पांडेय / मुंबई
विकास की राह में बढ़ रही लोकल रेलवे महिलाओं की सुरक्षा का खयाल रखना भूल गई है। दरअसल, एलिंफस्टन ब्रिज के टूट जाने के बाद यात्रियों को पश्चिम से पूर्व जाने के लिए प्रभादेवी के दक्षिणी छोर पर बनाए गए नए एफओबी (यात्री पुल) का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। हालांकि, एक महीना बीत जाने के बावजूद पुल पर एक भी सीसीटीवी वैâमरा नहीं लगा है। ऐसे में इस पुल को बनाते समय महिला यात्रियों की सुरक्षा का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया है, ऐसे आरोप महिला यात्रियों सहित स्थानीय लोगों द्वारा लगाए जा रहे हैं।
बता दें कि प्रभादेवी-पूर्व से पश्चिम को जोड़नेवाले एलफिंस्टन पुल को तोड़ने का काम एमएमआरडीए ने पिछले महीने से शुरू कर दिया है। ऐसे में प्रभादेवी व परेल के स्थानीय लोगों व लोकल यात्रियों को पूर्व से पश्चिम की तरफ जाने के लिए प्रभादेवी के दक्षिण छोर पर बने पैदल यात्री पुल का उपयोग करना पड़ रहा है, जिसे पिछले महीने २२ सितंबर से आम लोगों के लिए खोल दिया गया था। हालांकि, अभी तक बहुत कम लोग इस पुल का उपयोग करते थे। लेकिन एमएमआरडीए ने प्रभादेवी रेलवे स्टेशन से परेल पूर्व की तरफ उतरने वाली सीढ़ियां भी अब तोड़ दी हैं, इसलिए प्रभादेवी स्टेशन पर उतरने वाले यात्री और स्थानीय लोगों को प्रभादेवी के दक्षिणी छोर पर बने नए इस पैदल यात्री पुल से आना-जाना पड़ेगा। लेकिन रेलवे ने एक महीना बीत जाने के बाद भी इस नए पुल पर एक भी सीसीटीवी वैâमरा नहीं लगाया है, जिससे महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
सुनसान रहता है यह परिसर
प्रभादेवी के इस ब्रिज से पूर्व से पश्चिम की तरफ आने पर नीचे का इलाका पूरा सुनसान रहता है। वहां अवैध झोपड़े हैं और देर रात तक वहां स्थानीय लोग खड़े रहते हैं। ऐसे में एफओबी पर सीसीटीवी वैâमरा न होने से महिला यात्री अपनी सुरक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं। लोकल ट्रेन देर रात तक चलती है और अन्य कोई रास्ता न होने के कारण अब लोगों व महिला यात्रियों को भी इसी पुल का इस्तेमाल करना प़ड़ रहा है, जोकि सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी चुनौती है।
