सेल्फी में दिखी परछाई ने खोला राज
फिरोज खान
शिमला की खूबसूरत वादियों में रहने वाले मशहूर बिजनेसमैन कबीर की शादी की पहली सालगिरह की सुबह उनके आलीशान बेडरूम में उनकी लाश मिली। कबीर की शादी एक साल पहले अनाया नाम की खूबसूरत युवती से हुई थी। रात को दोनों खुशी-खुशी सोए थे, लेकिन सुबह कबीर की मौत हो चुकी थी।
कबीर के हाथ में उनका मोबाइल था, जिसमें उनकी और अनाया की एक सेल्फी खुली हुई थी। सेल्फी देखकर पुलिस का पहला शक पत्नी अनाया पर गया। पूछताछ में अनाया रोते हुए बोली, ‘हम कल रात बहुत खुश थे। कबीर ने मुझे डायमंड नेकलेस गिफ्ट किया था। देर रात उन्होंने दूध पीया और सो गए। सुबह देखा तो वह उठे ही नहीं।’ कमरे की तलाशी में दूध का गिलास मिला, लेकिन फॉरेंसिक जांच में उसमें किसी भी तरह का जहर नहीं मिला। हालांकि, अनाया की बातों में कई विरोधाभास थे, जिससे पुलिस का शक उस पर और गहरा गया।
पुलिस ने अनाया का मोबाइल फोन खंगाला। जांच में पता चला कि कबीर की मौत वाली रात उसने एक अनजान नंबर पर पांच बार बात की थी। वह नंबर कबीर के सबसे करीबी दोस्त और बिजनेस पार्टनर राघव का निकला। इसी बीच पुलिस ने कबीर के मोबाइल में खुली सेल्फी को गौर से देखा। रात करीब ११:३० बजे ली गई उस तस्वीर में कबीर के पीछे लगे आईने में एक धुंधली परछाई नजर आ रही थी। जांच करने पर पता चला कि वह परछाई राघव की थी।
पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट ने मामले का पूरा राज खोल दिया। रिपोर्ट में सामने आया कि जहर दूध में नहीं, बल्कि कबीर के अस्थमा के इनहेलर में मिलाया गया था। रात में अस्थमा का दौरा पड़ने पर जैसे ही कबीर ने इनहेलर का इस्तेमाल किया, जहर उनकी सांसों के जरिए शरीर में पहुंच गया और उनकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने तुरंत राघव को हिरासत में ले लिया। जब उसके सामने आईने में दिखी परछाई और इनहेलर में मिले जहर के वैज्ञानिक सबूत रखे गए, तो वह टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया।
राघव ने बताया कि वह और अनाया कॉलेज के दिनों से एक-दूसरे से प्यार करते थे। लेकिन अनाया ने कबीर की दौलत के लालच में उससे शादी कर ली थी। दोनों ने मिलकर कबीर की करोड़ों की संपत्ति हड़पने के लिए यह खौफनाक साजिश रची। घटना वाली रात राघव चुपके से कबीर के घर पहुंचा और उनके अस्थमा इनहेलर में जहरीला पदार्थ मिला दिया। हालांकि, उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि कबीर की आखिरी सेल्फी में आईने के जरिए उसकी परछाई भी वैâद हो जाएगी। मजबूत सबूतों के आधार पर अदालत ने अनाया और राघव दोनों को दोषी करार देते हुए उम्रवैâद की सजा सुनाई। आखिरकार, कबीर को इंसाफ मिल गया।
