मुख्यपृष्ठस्तंभतहकीकात : प्यार, कत्ल और सुसाइड नोट का खौफनाक सच

तहकीकात : प्यार, कत्ल और सुसाइड नोट का खौफनाक सच

फिरोज खान

मुंबई के खारघर इलाके से एक १९ साल की छात्रा कॉलेज के लिए निकली थी। रोजाना के समय पर युवती घर नहीं लौटी तो पता करने के लिए मोबाइल पर कॉल किया, लेकिन मोबाइल स्वीच्ड ऑफ बता रहा था। लड़की की सहेलियों से पूछने फर पता चला कि वह कॉलेज गई ही नहीं थी। यह बात सुनकर घरवाले परेशान हो गए। आखिरकार उन्होंने कलंबोली पुलिस स्टेशन में बेटी की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई। युवती के दोस्त रिश्तेदारों से पूछताछ करने पर भी कोई सुराग हाथ नहीं लगा। युवती को लापता हुए ३४ दिन बीत चुके थे। पुलिस की जांच भी धीमी पड़ गई। इस बीच जुईनगर रेलवे स्टेशन पर एक युवक ने खुदकुशी की। उसके मोबाइल में एक सुसाइड नोट मिला।
जिसमें एक थ्०१-५०१ कोड लिखा था। उस कोड को समझना इतना आसान नहीं था। लेकिन कई दिनों की मेहनत के बाद जांचकर्ताओं ने पाया कि यह वन अधिकारियों द्वारा चिह्नित एक पेड़ की संख्या है। कोड के आधार पर बताई जगह पर पुलिस पहुंची तो लड़की की डेड बॉडी बरामद हुई। पुलिस ने बताया सुसाइड नोट के मुताबिक, युवक आशा से प्यार करता था। युवक आशा के साथ शारीरिक संबंध बनाना चाहता था, लेकिन हर बार आशा ने मना किया, इसी बात से वह नाराज था। एक दिन जब आशा कॉलेज के लिए निकली तो उसने उसे मिलने के लिए खारघर के एकांत स्थल पर बुलाया। वहां उसने आशा का कत्ल किया और लाश को पेड़ के पास झाड़ियां और पत्तियों से ढंक दिया और फरार हो गया।

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