मुख्यपृष्ठस्तंभक्या ईरान पर परमाणु हमला सोच रहा अमेरिका?

क्या ईरान पर परमाणु हमला सोच रहा अमेरिका?

-ट्रंप की पूर्व सहयोगी मार्जरी टेलर ग्रीन का सनसनीखेज दावा-व्हाइट हाउस में ‘न्यूक्लियर ऑप्शन’ पर उच्चस्तरीय चर्चा

वॉशिंगटन। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अमेरिकी राजनीति से बेहद गंभीर दावा सामने आया है। पूर्व रिपब्लिकन सांसद और कभी डोनाल्ड ट्रंप की कट्टर समर्थक रहीं मार्जरी टेलर ग्रीन ने आरोप लगाया है कि ट्रंप प्रशासन के शीर्ष स्तर पर ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों के संभावित इस्तेमाल पर रणनीतिक चर्चा चल रही है।
ग्रीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म `एक्स’ पर यह दावा करते हुए इसे बेहद खतरनाक स्थिति बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि परमाणु हथियारों की तरफ बढ़ने वाली कोई भी कार्रवाई दुनिया को विनाशकारी संघर्ष में धकेल सकती है। हालांकि सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि ग्रीन ने अपने आरोप के समर्थन में कोई दस्तावेज, बैठक का रिकॉर्ड या अधिकारियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव और होर्मुज संकट पहले से पश्चिम एशिया को अस्थिर किए हुए हैं। ट्रंप प्रशासन ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लगातार अमेरिकी सुरक्षा के लिए खतरा बताता रहा है। लेकिन फिलहाल व्हाइट हाउस की ओर से ऐसी किसी परमाणु हमले की योजना की पुष्टि नहीं हुई है। ग्रीन के आरोप पर तत्काल कोई आधिकारिक जवाब भी सामने नहीं आया था। ऐसे में खबर का सबसे बड़ा सवाल यही है, क्या यह ट्रंप प्रशासन के भीतर चल रही असली युद्ध-रणनीति की भनक है या अमेरिका की घरेलू राजनीति में पैदा हुआ एक विस्फोटक लेकिन अपुष्ट दावा?
दावा बेहद गंभीर, लेकिन अभी सबूत नहीं
मार्जरी टेलर ग्रीन का आरोप ऐसे समय आया है, जब अमेरिका-ईरान संघर्ष पहले ही बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। १६ अगस्त २०२६ को ग्रीन ने दावा किया कि ट्रंप प्रशासन में ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों के संभावित इस्तेमाल पर उच्चस्तरीय रणनीतिक बैठकें हो रही हैं, लेकिन उन्होंने न तो कोई दस्तावेज दिया, न बैठक की तारीख बताई और न ही किसी अधिकारी का नाम सार्वजनिक किया। इसलिए फिलहाल इसे पुष्ट अमेरिकी नीति नहीं, बल्कि एक गंभीर अपुष्ट आरोप ही माना जाना चाहिए। दिलचस्प बात यह है कि अप्रैल में जब ट्रंप ने ईरान के खिलाफ बेहद आक्रामक भाषा इस्तेमाल की थी, तब व्हाइट हाउस के दो अधिकारियों ने रॉयटर्स से कहा था कि इस तरह की बयानबाजी को प्रशासन के भीतर बातचीत में दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा था, परमाणु हथियार इस्तेमाल करने के वास्तविक संकेत के रूप में नहीं।
परमाणु हमले के दावे से ह़ड़कंप
दूसरी ओर, ट्रंप प्रशासन की सार्वजनिक नीति लगातार यह रही है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जाए। जुलाई में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी अमेरिका का लक्ष्य ‘परमाणु हथियार रहित ईरान’ बताया था। अभी तक व्हाइट हाउस, अमेरिकी रक्षा विभाग या विदेश विभाग की ओर से ईरान पर परमाणु हमला करने की किसी योजना की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। यानी ग्रीन का दावा राजनीतिक रूप से विस्फोटक जरूर है, मगर उपलब्ध सार्वजनिक प्रमाण फिलहाल परमाणु हमले की तैयारी की पुष्टि नहीं करते।

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