मुख्यपृष्ठनए समाचार५५ रुपए का सफर... फास्टैग ने काट दिए १,४४५ रुपए!

५५ रुपए का सफर… फास्टैग ने काट दिए १,४४५ रुपए!

-समृद्धि महामार्ग पर ‘फार्थेस्ट फेयर’ का झटका,
-एंट्री नहीं पढ़ी तो यात्री से वसूला जा रहा सैकड़ों किलोमीटर का टोल
-शाहपुर से भिवंडी जाने वाले वाहन का हिसाब सिस्टम ने नागपुर तक पहुंचाया
-रोज कई वाहन चालकों के फंसने का दावा; सवाल, तकनीकी गलती की कीमत यात्री क्यों चुकाए?

सामना संवाददाता / मुंबई/ ठाणे

समृद्धि महामार्ग की हाईटेक टोल व्यवस्था में एक ऐसी तकनीकी खामी सामने आ रही है, जिसमें महज कुछ दर्जन रुपये का टोल चुकाने वाले वाहन चालक के फास्टैग से १,४०० से १,५०० रुपए तक काटे जाने का खतरा पैदा हो जाता है। कारण बेहद चौंकाने वाला है यदि एंट्री पॉइंट पर फास्टैग सिस्टम वाहन की एंट्री दर्ज नहीं कर पाया, तो आगे निकास के समय सिस्टम वास्तविक दूरी के बजाय सबसे दूर के एंट्री पॉइंट से किराया जोड़ सकता है।
ऐसा ही एक मामला ४ अगस्त को सामने आया। एक कार चालक ने शाहपुर से समृद्धि महामार्ग में प्रवेश किया, लेकिन एंट्री पॉइंट पर फास्टैग रीड नहीं हुआ। कर्मचारी ने मैनुअल रसीद देकर वाहन को आगे जाने दिया। भिवंडी छोर पर फास्टैग अपने आप पढ़ गया और बैरियर खुल गया। यात्री को उस समय पता ही नहीं चला कि सिस्टम ने लगभग ५५ रुपए के बजाय १,४४५ रुपए काट लिए हैं। मामला एक महीने बाद खुला। १२ सितंबर को वही वाहन दोबारा समृद्धि महामार्ग पहुंचा तो फास्टैग ब्लैकलिस्ट दिखाई दिया।
गलती नहीं, सिस्टम में ही है ऐसा प्रावधान!
इस मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि एमएसआरडीसी की आधिकारिक एफएक्यू में भी बताया गया है कि यदि निकास टोल पर सिस्टम को वाहन की एंट्री नहीं मिलती तो फार्थेस्ट फेयर ‘farthest fare’ यानी सबसे दूर के संभावित प्रवेश बिंदु का किराया लगाया जा सकता है। यदि एंट्री और एग्जिट ट्रांजैक्शन की जोड़ी नहीं बनती, तो सिस्टम निर्धारित अवधि तक उन्हें मैच करने की कोशिश करता है और उसके बाद किराया लगा सकता है। यानी सवाल सिर्फ किसी एक फास्टैग या किसी एक वाहन का नहीं है।

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