उमेश गुप्ता / वाराणसी
धर्म की नगरी काशी में इस वर्ष की देव दीपावली भव्य और अविस्मरणीय आयोजन बनने जा रही है। इस बार तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है, जिसमें मुख्य आकर्षण गंगा के घाटों पर जलने वाले 25 लाख दीयों की माला होगी। यह अद्भुत नज़ारा स्वर्गलोक जैसा अनुभव कराएगा।
इस बार केंद्रीय देव दीपावली समिति और पर्यटन विभाग मिलकर गंगा के सभी घाटों पर कुल 25 लाख दीपक जलाएंगे। इनमें से 3 लाख दीये गंगा के उस पार रेत पर भी जलाए जाएंगे।
काशी के आसमान को रंगीन बनाने के लिए गंगा के उस पार रेत पर लगभग डेढ़ किलोमीटर के क्षेत्र में एक शानदार इलेक्ट्रिक आतिशबाजी शो का आयोजन होगा।
यह शो भगवान शिव की थीम पर आधारित होगा और 10 मिनट तक नॉन-स्टॉप 200 से 250 मीटर की ऊँचाई पर चलेगा।
काशी के सभी 84 घाटों और छतों से इस आतिशबाजी को देखा जा सकेगा।
चेतसिंह घाट पर 25 मिनट का एक विशेष लेजर शो आयोजित किया जाएगा, जिसकी थीम ‘शिव, गंगा और देव दीपावली’ होगी। यह शो देव दीपावली के दिन तीन बार दिखाया जाएगा, जिसमें भगवान शिव की महिमा और गंगा नदी का बखान होगा।
दशाश्वमेध घाट पर हर वर्ष की तरह इस बार भी महाआरती का आयोजन होगा, जिसमें 21 बटुक रिद्धि-सिद्धि के साथ माँ गंगा की महाआरती करेंगे। अन्य घाटों पर भी सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
देव दीपावली को लेकर मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक शक्तिशाली राक्षस का वध करके देवताओं को उसके आतंक से मुक्ति दिलाई थी। इस खुशी में, सभी देवी-देवताओं ने काशी आकर गंगा तट पर दीप जलाकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की थी। तभी से यह देव दीपावली की परंपरा चली आ रही है।
