जेदवी / मुंबई
जोगेश्वरी (पूर्व) के प्रेमनगर इलाके में वर्ष २०२० में हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में दिंडोशी सत्र न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। बीयर लाने से इनकार करने जैसी मामूली बात पर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया था, जिसमें एक युवक की जान चली गई थी। करीब छह वर्ष बाद अदालत के पैâसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता विजय कृष्ण स्वामी द्विवेदी (३२) प्रेमनगर क्षेत्र के निवासी हैं। इसी इलाके में रहने वाला आरोपी शन्मुगम राजेंद्रन उर्फ सैम उर्फ सोनू (३६) अपने दबंग रवैये के कारण स्थानीय लोगों में भय का माहौल बनाए हुए था। घटना से पहले आरोपी ने विजय के भाई अजय द्विवेदी से बीयर लाने के लिए कहा था। अजय द्वारा मना किए जाने पर दोनों के बीच तीखी बहस हुई और आरोपी ने उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। पुलिस जांच में सामने आया कि पुरानी रंजिश को मन में रखकर आरोपी ने अजय को रास्ते में रोक लिया। जब विजय अपने भाई को छुड़ाने के लिए आगे आए तो आरोपी ने नुकीले हथियार से उनके हाथ और माथे पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। इसी दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे अजय पर आरोपी ने सीने में घातक वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल अजय को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस घटना के बाद विजय द्विवेदी की शिकायत पर २६ जून २०२० को मेघवाड़ी पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा ३०२ और ३०७ के तहत मामला दर्ज किया गया था। तत्कालीन पुलिस निरीक्षक मधुसूदन नाईक के नेतृत्व में मामले की गहन जांच की गई और पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया।
१८ जून २०२६ को सुनवाई पूरी होने के बाद दिंडोशी सत्र न्यायालय ने प्रत्यक्षदर्शी गवाहों की गवाही और पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों को निर्णायक मानते हुए आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने आरोपी को धारा ३०२ के तहत आजीवन कारावास और ५ हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
छह साल बाद मिला इंसाफ
बीयर को लेकर शुरू हुए तुच्छ विवाद ने एक परिवार से उसका बेटा छीन लिया था। अब अदालत के फैसले ने यह संदेश दिया है कि कानून के शिकंजे से बचना आसान नहीं और अपराध का अंजाम आखिरकार सजा ही होता है।
