सामना संवाददाता / मुंबई
कुलगांव-बदलापुर नगर परिषद चुनाव से पहले ही शिंदे गुट और भाजपा में विवाद गहराया है। शिंदे के नगर विकास विभाग द्वारा जारी किए गए मसौदा वॉर्ड रचना अधिसूचना पर भाजपा ने आपत्ति जताई है और इसके खिलाफ हाई कोर्ट की शरण में जाकर याचिका दायर की है। वॉर्ड रचना मनमानी और राजनीतिक दबाव में किए जाने का आरोप लगाते हुए भाजपा के नगरसेवकों ने पूरी प्रक्रिया को अवैध घोषित करने की मांग की है। इस याचिका पर कल न्यायमूर्ति रवींद्र घुगे की खंडपीठ के समक्ष प्राथमिक सुनवाई हुई। हाई कोर्ट ने इसकी सुनवाई २२ सितंबर को तय की है।
कुलगांव-बदलापुर नगर परिषद आम चुनावों के लिए वॉर्ड सीमांकन की अधिसूचना जारी की गई थी। १८ अगस्त को नगर परिषद ने वॉर्ड रचना का मसौदा तैयार किया। बदलती वॉर्ड रचना से कुछ विशेष उम्मीदवारों को फायदा होगा और सीमांकन करते समय नियमों का उल्लंघन हुआ है, ऐसा आरोप लगाते हुए भाजपा के नगरसेवक किरण भोईर सहित सात लोगों ने एड. अजिंक्य गायकवाड़ के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। चुनाव कानून के अनुसार डिलिमिटेशन प्रक्रिया गुप्त रखना अनिवार्य है, लेकिन आधिकारिक अधिसूचना आने से पहले ही मसौदा नक्शे कुछ खास लोगों तक पहुंचा दिए गए। वॉर्ड रचना राजनीतिक उद्देश्यों से और विशेष उम्मीदवारों को लाभ पहुंचाने के लिए की गई। इस तरह का आरोप करते हुए नगरसेवकों ने कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की है। इस याचिका पर कल न्यायमूर्ति रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति अश्विन भोबे की खंडपीठ के समक्ष प्राथमिक सुनवाई हुई। खंडपीठ ने २२ सितंबर को सुनवाई निश्चित की है।
याचिका में क्या कहा गया है
वॉर्ड क्रमांक १९ की रचना सीधी और समानांतर न रखते हुए अमीबा के आकार में बनाई गई है। इससे वॉर्ड का विकास और प्रशासन करना मुश्किल होगा। वॉर्ड की रचना सीधी, सुसंगत और एकीकृत की जानी चाहिए। कुछ सीमाएं नाले के पार खींची गई हैं, जहां सड़कों का अभाव है। दो भौगोलिक रूप से अलग क्षेत्रों को कृत्रिम रूप से मिलाकर एक ही वॉर्ड में डाले जाने से नागरिकों को सुविधाएं पाना कठिन होगा। वर्तमान वॉर्ड रचना को अवैध घोषित करके नई, पारदर्शी और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार सीमांकन किया जाए।
