– सुप्रिया सुले ने गृहमंत्री से मांगा जवाब
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे ‘पाताल लोक रोड नेटवर्क’ का हिस्सा बताते हुए भविष्य की मुंबई का मॉडल कहा है, जबकि उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इसे बहु-स्तरीय मोबिलिटी नेटवर्क की दिशा में बड़ा कदम बताया। मगर सवाल वही है कि करोड़ों की परियोजनाओं के बीच आम मुंबईकर को राहत कब और कितनी मिलेगी?
सामना संवाददाता / मुंबई
संतों की भूमि महाराष्ट्र में सरेआम ‘गुंडाराज’ देखने को मिला है, जहां राकांपा (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता विकास लवांडे पर कायरतापूर्ण हमला किया गया। म्हातोबाची आलंदी में हथियारबंद संग्राम भंडारे और उसके गुंडों द्वारा की गई इस हरकत पर भड़कीं सांसद सुप्रिया सुले ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि हमला करने वाले गुंडों को किसका संरक्षण मिला है, यह अब स्पष्ट हो चुका है। प्रदेश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सुले ने सीधे गृहमंत्री से जवाब मांगा है और दोषियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई की मांग की है।
सुप्रिया सुले ने ‘एक्स’ (ट्विटर) पर पोस्ट साझा करते हुए इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता विकास लवांडे पर म्हातोबाची आलंदी से पुणे के प्रवास के दौरान हमला किया गया। हमला करने वाले गुंडों के पास हथियार भी थे। सौभाग्य से इस हमले में विकास लवांडे को चोट नहीं आई, लेकिन यह घटना अत्यंत गंभीर है। लोणी कालभोर पुलिस स्टेशन में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि दिनदहाड़े एक राजनीतिक दल के पदाधिकारी को रोककर जान से मारने की कोशिश करने का साहस करने वालों को किसका संरक्षण प्राप्त है, यह जगजाहिर है। कानून-व्यवस्था की दृष्टि से यह बहुत गंभीर और निराशाजनक बात है। सुप्रिया सुले ने मांग की कि राज्य के गृहमंत्री इस घटना का गंभीरता से संज्ञान लें और उचित कार्रवाई के आदेश दें।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता विकास लवांडे पर खुद को वारकरी बताने वाले संग्राम भंडारे और उसके साथी गुंडों द्वारा की गई धक्का-मुक्की, गाली-गलौज और स्याही फेंकने जैसे कायरतापूर्ण हमले की हम कड़ी निंदा करते हैं। लोकतंत्र में मतभेदों का उत्तर हिंसा, धमकी और दागीरी से देना अत्यंत निंदनीय है।
