उल्हासनगर ऐसा पहला शहर है, जहां आर्थिक तंगी के बावजूद लोकप्रतिनिधि व सरकारी बाबू निजी स्वार्थ के चलते संकरी सड़क के बीच प्रवेश द्वार बनवा रहे हैं, जो कितने दिन चलेगा यह कहना बहुत ही मुश्किल है। इस प्रवेश द्वार के बनाए जाने के बाद सबसे बड़ी समस्या आवागमन की है। प्रवेश द्वार के कारण आए दिन सड़क पर ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। अब सवाल यह है कि जनता द्वारा चुने गए कम पढ़े-लिखे लोगों से गलती हो सकती है, लेकिन मनपा के इंजीनियर इसे कैसे अनदेखा कर देते हैं? दूसरे शहरों में जहां बोर्ड लगाकर स्थान की जानकारी दी जाती है, वहीं उल्हासनगर में प्रवेश द्वार की भला क्या जरूरत है? मनपा प्रशासन को चाहिए कि प्रवेश द्वार बनाने की इस लूट भरी प्रथा को वो जल्द से जल्द बंद करे।
– हिरो राजाई, उल्हासनगर
