-वेट लॉस के नाम पर `८० करोड़ की महालूट
-गुरुग्राम में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़
-वजन घटाने का झांसा देकर ठगी करने वाली तीन लड़कियां गिरफ्तार
-१५० लड़कियां `हेल्थ एक्सपर्ट’ बनकर करती थी बातें, २० लड़के बनते थे `फर्जी डॉक्टर’
फेसबुक पर वेट लॉस का विज्ञापन दिखा, नंबर डाला और फिर शुरू हो गया करोड़ों की ठगी का खेल। गुरुग्राम में १७० से ज्यादा लोगों का कॉल सेंटर चल रहा था। १५० लड़कियां `हेल्थ एक्सपर्ट’ बनकर बात करती थीं, २० लड़के डॉक्टर बन जाते थे।
फेसबुक पर ‘३० दिन में वजन कम करें’ जैसे विज्ञापनों के जरिए देशभर की महिलाओं को फंसाकर ८० करोड़ रुपए की ठगी करने वाले एक बड़े साइबर रैकेट का सूरत पुलिस ने खुलासा किया है। यह पूरा नेटवर्क गुरुग्राम से संचालित हो रहा था और बाहर से एक हेल्थ एंड वेलनेस कंपनी जैसा दिखता था, लेकिन अंदर यह पूरी तरह स्क्रिप्टेड फ्रॉड फैक्ट्री के रूप में काम कर रहा था।
पुलिस के मुताबिक, इस कॉल सेंटर में करीब १७० लोग शामिल थे, जिनमें १५० लड़कियां टेली कॉलर बनकर संभावित ग्राहकों से संपर्क करती थीं, जबकि २० पुरुष खुद को ‘डॉक्टर’ बताकर मेडिकल सलाह देते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति विज्ञापन पर क्लिक करता, उसे तुरंत कॉल और मैसेज कर भरोसे में लिया जाता था। इसके बाद फर्जी मेडिकल रिपोर्ट, बीएमआई प्रोफाइल और हेल्थ चार्ट तैयार कर महंगी दवाओं और किट्स की बिक्री शुरू होती थी। हर बार ‘आखिरी स्टेप’ बताकर लोगों से लगातार पैसे वसूले जाते थे। पुलिस का कहना है कि ‘डॉक्टर’ असल में कॉल सेंटर के कर्मचारी ही थे, जो नकली नाम और बदली हुई आवाज में बात करते थे। ठगी का एक बड़ा हिस्सा वैâश में वसूला जाता था। गैंग के सदस्य फ्लाइट से दूसरे शहरों में जाकर नकद रकम लेते और दवा के पैकेट सौंपते थे। इसी तरीके से सूरत की एक महिला से १.७७ करोड़ रुपए की ठगी की गई।
गिरफ्तारी के बाद खुला पूरा खेल
महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने जाल बिछाया और एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसकी निशानदेही पर गुरुग्राम स्थित कॉल सेंटर पर छापा मारा गया। वहां से लैपटॉप, मोबाइल और नकली दवाओं का बड़ा जखीरा बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी अभी फरार हैं और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
