मुख्यपृष्ठधर्म विशेषमहादेव को पसंद है फूलों की महक

महादेव को पसंद है फूलों की महक

शीतल अवस्थी

भगवान शिव को प्रकृति से बेहद प्रेम है। उनका निवास स्थान ही हिमालय की गोद में, कैलाश पर्वत को माना जाता है। महादेव के परम भक्त रावण ने अपने प्रभु के लिए आलीशान महल बनवाया भी था, लेकिन भोले ने उसे स्वीकार नहीं किया। महादेव को प्राकृतिक परिवेश बेहद पसंद है। उनकी वेशभूषा में भी प्रकृति की झलक मिलती है। उनको फूलों की महक आकर्षित करती है। इसीलिए महादेव के पूजन में विभिन्न फूलों को अलग-अलग महत्व है। शिवपुराण की रुद्रसंहिता में भगवान शिव का विभिन्न पुष्पों से पूजन करने तथा उनसे प्राप्त होने वाले फलों का विस्तृत वर्णन मिलता है। लाल व सफेद आंकड़े के फूल से शिव का पूजन करने पर भोग व मोक्ष की प्राप्ति होती है। जबकि चमेली के फूल से पूजन करने पर वाहन सुख मिलता है। अलसी के फूलों से शिव का पूजन करने से मनुष्य भगवान विष्णु को प्रिय होता है। तो शमी पत्रों से पूजन करने पर मोक्ष प्राप्त होता है। महादेव को बेला के फूल भी अत्यंत पसंद हैं। इन फूलों से उनका पूजन करने पर शुभ लक्षणों से युक्त पत्नी मिलती है। जबकि जूही के फूल से शिव का पूजन घर में कभी अन्न की कमी नहीं होने देता। कनेर के फूलों से शिव पूजन करने से नवीन वस्त्रों की प्राप्ति होती है। हरसिंगार के पुष्पों से पूजन करने पर सुख-संपत्ति में वृद्धि होती है। धतूरा शिव को कितना पसंद है यह बताने की आवश्यकता नहीं है। इसके पुष्प से पूजन करने पर भगवान शंकर सुयोग्य पुत्र प्रदान करते हैं, जो कुल का नाम रोशन करता है। इसमें भी लाल डंठलवाला धतूरा पूजन में अति शुभ माना गया है।

अन्य समाचार