दीपाली ने कहा कि इस पूरे खरात प्रकरण में ‘बहुत बड़े लोगों’ के नाम जुड़े हुए हैं और यही वजह है कि फिल्म को लेकर बेचैनी बढ़ रही है। उन्होंने साफ कहा कि समाज को श्रद्धा और अंधश्रद्धा के नाम पर चल रहे खेल को समझना होगा।
सुनील ओसवाल / मुंबई
मराठी फिल्म इंडस्ट्री की चर्चित अभिनेत्री दीपाली सय्यद इन दिनों भारी विवादों के केंद्र में आ गई हैं। आगामी फिल्म ‘महाराष्ट्र एपस्टीन फाइल्स’ में कथित तौर पर एक प्रभावशाली राजनीतिक महिला का किरदार निभाने जा रहीं दीपाली ने सनसनीखेज दावा किया है कि उन्हें लगातार धमकी भरे फोन कॉल आ रहे हैं। इस खुलासे के बाद महाराष्ट्र की राजनीति और फिल्म जगत में खलबली मच गई है।
अशोक खरात प्रकरण की कथित काली सच्चाइयों पर आधारित निर्देशक स्वरूप बी. सावंत की यह फिल्म अभी रिलीज भी नहीं हुई है, लेकिन उससे पहले ही धमकियों, दबाव और राजनीतिक दखल के आरोपों ने पूरे मामले को विस्फोटक बना दिया है।
फिल्म का पोस्टर सामने आते ही विवादों की आग भड़क उठी और अब मामला सीधे सत्ता के गलियारों तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। दीपाली सय्यद ने एक मराठी मीडिया संस्थान से बातचीत में दावा किया कि कुछ लोग उन्हें फोन कर फिल्म छोड़ने और रोल ठुकराने के लिए दबाव बना रहे हैं। मुझे डराने की कोशिश की जा रही है। कहा जा रहा है कि अगर यह फिल्म की तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे, लेकिन मैं डरनेवालों में से नहीं हूं।
सबसे चौंकानेवाली बात यह रही कि अभिनेत्री ने इशारों-इशारों में कुछ राजनीतिक महिला नेताओं पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि उन्हें राजनीतिक करियर खत्म करने तक की धमकियां दी गईं।
