एजेंसी / मुंबई
महाराष्ट्र सरकार ने बकरीद से पहले गोवंश की अवैध तस्करी, गैरकानूनी बूचड़खानों और पशुओं पर हो रहे अमानवीय अत्याचारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का एलान किया है। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने साफ चेतावनी देते हुए कहा है कि राज्य में गोमाता की तस्करी और अवैध कटाई किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून तोड़ने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी और अवैध परिवहन में शामिल वाहनों को सीधे जब्त किया जाएगा।
राज्य सरकार की ओर से यह कदम आगामी बकरीद के मद्देनजर उठाया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर परिवहन विभाग ने पूरे राज्य में विशेष जांच और नाकाबंदी अभियान चलाने के आदेश दिए हैं। यह अभियान २८ मई २०२६ तक युद्धस्तर पर चलाया जाएगा।
सीमावर्ती इलाकों और संवेदनशील मार्गों पर जांच
परिवहन आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, महाराष्ट्र के सीमावर्ती इलाकों, मुंबई सहित प्रमुख शहरों और संवेदनशील मार्गों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। पशुओं की ढुलाई करने वाले सभी वाहनों की गहन जांच की जाएगी। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि वाहन चालक और संचालक आवश्यक परमिट, स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और पशु कल्याण नियमों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं या नहीं।
मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के प्रयासों से राज्य सरकार ने देशी गाय को राज्यमाता का दर्जा दिया है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज के लिए गोमाता केवल पशु नहीं, बल्कि श्रद्धा, संस्कृति और आस्था का प्रतीक है।
