मुख्यपृष्ठस्तंभमैथिली व्यंग्य : बेईमानक दुनियामे ईमानदारक तकलीफ!

मैथिली व्यंग्य : बेईमानक दुनियामे ईमानदारक तकलीफ!

डॉ. ममता शशि झा मुंबई
जिबट बाबू के बेटा निरंजन ग्रामीण विकास विभागमे अफसर के पद पर कार्यरत छलखिन, संजोग सँ हुनकर तबादला जहि क्षेत्रमे भेलनि ओहिमे हुनकर अपन गाम सेहो पड़ई छलनि। जिबट बाबू अपने मुखिया रहि चुकल छलाह जाहि कारणे अपन गामक लोकक नस-नस के चिन्हई छलखिन, चुनाव लड़ बला स बेसी जनताके के चिन्ह सकईया! आ ताहिमे जिबट बाबू ईमानदार मुखिया छलखिन लोक सबहक काज ईमानदारी सँ करबई छलखिन आ जाहि कारणे ओहि‌ क्षेत्र के ऑफिसर आ ठेकेदार सब हुनका पर कुनमुनेल रहई छलनि। जे काज जाहि ठेकेदार के दई छलखिन ओकर बिल पास कर सँ पहीने ओहि सबटा समान के देखई छलखिन। ई देखि क ठेकेदार सब के छगुंता लागि जाय जे ई केहन मुखिया छई अपने काज करई छई!!
अरे मुखिया के त चारि टा चेला-चपाटी रहल जकरा सँ ठेकेदार सब मिलि क रहल ओकरो सबके खुएलक अपनो खेलक ई त‌ विचित्र मुखिया छई! एहनो कतउ मुखिया भेलईया, ईमानदारीये सँ काज कर के छलई त कुनु स्कूल के मास्टर बनि जइता, अहि पद के किया बर्बाद कर लेल आयल छथि? आ हमरो सबके ई काज सबहक कोंट्रक्ट अहिना थोड़े भेटल अछि? महराज जँ ई सबटा बिल के साथ समान मिला क हस्ताक्षर करथिन त अगिला चुनावमे हिनकर जितनाई मुश्किल भे जेतनि। सरकार सँ जतेक पाई मुखिया के भेटई छई ओहि क्षेत्रमे उन्नति कराब लेल ओकर आधा क्षेत्र के उन्नतिमे लगाबथि आ आधा हमरा सब सन के लोकक लेल, हम सब धनी हेबई तहने ने समाज के लोक सबहक उन्नति हेतई। हमरो सब पर त समाजक लोक सब निर्भर अछि। आ कोनो हम सब अपना सामने हस्ताक्षर कर लेल कहई छियनि ककरो द्वारा पठा सकई छथि आ जे ई सब कर बला लगुआ भगुआ रहई छनि ओहो सब ते किछु ने किछु कमाई छई, ई मुखिया बेईमानी के महत्व बुझिते नहिं छथिन जे ओहि स कतेक लोक के दिन सुदिन भेलईया। आ चुनाव जिताबमे जे लोकसब छलनि ओकरो सबहक त किछु आस हेतई!! इम्हर ऑफिसर सब सेहो कनखरल रहई छलखिन। हुनको सबके अपना मोनक लोक सब के काज देबमे दिक्कत होई छलनि। कतेको सालक संबंध छलनि, एक्कहि टा रस्ता क्या-क्या बेर बनाब के आ ओकर बिल पास कर के। मुखिया के प्रश्न कर के आ बिल देख के प्रथाए नहिं छलई। कतेक व्यवस्थित तरीका स इ अव्यवस्था चलि रहल छलनि। ऑफिसर सब हुनका व्यवहारिक बन के ज्ञान दई छलखिन, मुदा ओ अडिग रहबला जिबट बाबू बेटा के व्यवहारिकता के ज्ञान द रहल छलखिन!!!

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