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वड्डे पंगे : सड़क को समझ लिया दिवाली का मैदान, चलती कार से छोड़ने लगे रॉकेट!

गुरुग्राम के द्वारका एक्सप्रेसवे पर कुछ युवकों ने चलती कार को ही आतिशबाजी का मंच बना दिया। वायरल वीडियो में सफेद कार चला रहा युवक एक हाथ से स्टीयरिंग संभालता और दूसरे हाथ से खिड़की के बाहर स्काईशॉट पटाखे छोड़ता दिखाई दे रहा है। इतना ही नहीं, दूसरी कार में सवार युवक सनरूफ से बाहर निकलकर इस खतरनाक करतब की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहा था। यानी एक गाड़ी में आतिशबाजी चल रही थी और दूसरी में उसकी फिल्म बन रही थी! सामने आए वीडियो का छह नवंबर को भी चर्चा में रहने के बाद पुलिस ने संज्ञान लेकर वाहन और युवकों की पहचान की जांच शुरू की। सवाल यह है कि सड़क पर चलने वाले दूसरे वाहन चालकों की जान जोखिम में डालकर सोशल मीडिया पर वाहवाही बटोरने की ऐसी सनक आखिर कब रुकेगी? एक्सप्रेसवे पर कार चलाने का लाइसेंस मिलता है, पटाखों का लॉन्चिंग पैड बनाने का नहीं!
१७ साल के छात्र की लाखों की गाड़ी, १ किमी का खर्च १३ पैसे!
गुरुग्राम के १७ वर्षीय छात्र अक्षित खेरा ने ऐसा सौर ऊर्जा की मदद से चलने वाला तिपहिया वाहन तैयार किया है, जिसकी अनुमानित परिचालन लागत महज १३ पैसे प्रति किलोमीटर है। बारहवीं के छात्र अक्षित ने बिना किसी बड़ी इंजीनियरिंग टीम के लगभग १.०३ लाख रुपए में इसका प्रोटोटाइप बनाया। इसमें दो लोगों के बैठने की जगह, सामान रखने का बॉक्स और ४०० वॉट का सोलर पैनल लगाया गया है। एक बार चार्ज करने पर वाहन कम से कम ५० किलोमीटर चल सकता है। पेट्रोल की कीमत सुनकर जेब टटोलने वालों के लिए यह प्रयोग दिलचस्प है। हालांकि १३ पैसे का आंकड़ा अनुमानित बिजली खर्च है, पूरी व्यावसायिक लागत नहीं। वाहन अभी परीक्षण के चरण में है और सड़क पर नियमित बिक्री से पहले सुरक्षा प्रमाणन जरूरी होगा।
२० रुपए का टिकट, ११ लाख की लॉटरी!
फिरोजपुर में महज २० रुपए की लॉटरी ने एक व्यक्ति को ११ लाख रुपए का इनाम दिला दिया। ममदोट कस्बे के गांव हजारा सिंह वाला निवासी परविंदर सिंह ने डियर लॉटरी का टिकट खरीदा था। जब परिणाम घोषित हुआ तो उनके टिकट पर पहला इनाम निकल आया। भई, यहां तो २० रुपए में समोसा भी मुश्किल से मिलता है और परविंदर सिंह के टिकट ने ग्यारह लाख का कमाल कर दिया! हालांकि लॉटरी संयोग का खेल है, कमाई का भरोसेमंद साधन नहीं। विजेता को भी नियमानुसार कर कटौती और टिकट सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। फिलहाल उनके परिवार में खुशी का माहौल है।
बाबा का चमत्कार, सोने की बालियां बनीं भांग!
पठानकोट के नजदीकी गांव भगवानसर में चमत्कार दिखाने के नाम पर एक महिला की सोने की बालियां ठगने का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार, खुद को चमत्कारी बाबा बताने वाला व्यक्ति परिवार के पास पहुंचा और अपनी बातों में उलझाकर महिला का विश्वास जीत लिया। इसके बाद कथित तौर पर सोने की बालियों की जगह भांग थमा दी गई। जब परिवार को ठगी का एहसास हुआ तो पुलिस से शिकायत की गई। बाबा का चमत्कार ऐसा निकला कि सोना गायब और हाथ में भांग रह गई! अब परिवार पुलिस से असली बालियां वापस दिलाने की उम्मीद लगाए बैठा है। आरोपों की जांच जारी है। यह मामला याद दिलाता है कि चमत्कार के नाम पर कीमती गहने किसी अनजान व्यक्ति को सौंपना भारी पड़ सकता है।
दुल्हन सजकर बैठी रही, दूल्हे ने भेज दिया दस लाख का हिसाब!
फरीदकोट में शादी की तैयारियां पूरी हो गर्इं, मेहमान पहुंच गए, लेकिन बारात ही नहीं आई। लड़की के पिता ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी का रिश्ता कपूरथला जिले के अमनजोत सिंह से तय हुआ था। चार नवंबर को विवाह होना था। आरोप है कि शादी से पहले लड़के वालों ने दस लाख रुपये नकद और चार तोले सोने की मांग रख दी। लड़की का परिवार इतनी रकम देने में असमर्थ था। नतीजा यह हुआ कि दूल्हा बारात लेकर नहीं पहुंचा। शादी का मंडप तैयार था, मगर दूल्हे की तरफ से मानो दहेज का बिल पहुंच गया! पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने दूल्हे, उसके परिजनों और बिचौलियों सहित छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपों की जांच चल रही है। दहेज की मांग ने एक परिवार की खुशियों को कानूनी विवाद में बदल दिया।

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