संदीप पाण्डेय / मुंबई
के.ई.एम. अस्पताल के डॉक्टर रविंद्र बलीराम देवकर पर छह महिला एमबीबीएस छात्राओं ने यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। इस मामले में कार्रवाई को लेकर महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (एम.एम.सी.) की भूमिका पर सवाल उठने के बाद राज्य सरकार ने परिषद से तत्काल रिपोर्ट तलब की है। चिकित्सा शिक्षा और औषध विभाग ने एम.एम.सी. को निर्देश दिया है कि डॉ. देवकर के खिलाफ अब तक की गई कार्रवाई का विस्तृत विवरण और परिषद के रजिस्ट्रार पर लगाए गए आरोपों का स्पष्टीकरण तुरंत शासन को सौंपा जाए।
यह कार्रवाई राष्ट्रीय लोक दल महाराष्ट्र के अध्यक्ष डॉ. वेदप्रकाश तिवारी की शिकायत के आधार पर की गई। अपनी शिकायत में उन्होंने कहा था कि भोइवाडा पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर और अदालतों द्वारा जमानत याचिका खारिज होने के बावजूद मेडिकल काउंसिल ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ सुओ-मोटो कदम नहीं उठाया और न ही उसका पंजीकरण निलंबित किया।
डॉ. तिवारी ने यह भी आरोप लगाया था कि परिषद रजिस्ट्रार ने शिकायत को हल्के में लेते हुए असंवेदनशील टिप्पणी की। सरकार ने साफ किया है कि यौन उत्पीड़न जैसे मामलों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और परिषद को इस पूरे मामले पर जवाबदेही तय करनी होगी। डॉ. तिवारी ने सरकार के कदम का स्वागत करते हुए कहा कि यह कार्रवाई महिला छात्रों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है।
