-मुआवजा और सुरक्षा की मांग पर अड़े रहे परिजन
राजेश सरकार / प्रयागराज
यमुनानगर के मेजा थानाक्षेत्र के कुकुरकटवा गांव में हुए चर्चित ट्रिपल मर्डर कांड में मारे गए तीन लोगों का अंतिम संस्कार घटना के लगभग 27 घंटे बाद बुधवार देर रात हो सका। परिजन बुधवार रात करीब 10 बजे तक तीनों शव घर के बाहर रखकर आरोपी पक्ष के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, सुरक्षा व्यवस्था और मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। पुलिस अधिकारियों की लगातार बातचीत और समझाइश के बाद परिजन मान गए, जिसके बाद देर रात तीनों शवों का अंतिम संस्कार किया गया।
मंगलवार शाम पोस्टमार्टम के बाद मृतक श्यामलाल तथा उनके भाइयों की पत्नियों अमरावती और इंद्रावती के शव गांव लाए गए थे। परिजनों ने पहले दूर-दराज के शहरों, विशेषकर बेंगलुरु और पुणे से रिश्तेदारों के आने तक अंतिम संस्कार टालने की बात कही थी। बुधवार तक अधिकांश परिजन पहुंच गए, लेकिन बाद में उन्होंने अंतिम संस्कार से इनकार करते हुए आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने, परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिस तैनाती और आर्थिक सहायता की मांग रख दी।
सूचना मिलने पर एडीसीपी विजय आनंद और एसीपी मेजा संत प्रसाद उपाध्याय समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, परिजन अपनी मांगों पर डटे रहे और मांगें पूरी होने तक शव न उठाने की बात कहते रहे। देर रात अधिकारियों के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ और परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए।
-गांव में भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात
घटना के बाद से ही कुकुरकटवा गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। मेजा, मांडा और कोरांव समेत कई थानों की फोर्स गांव में तैनात रही। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पीएसी भी बुला ली गई। मृतकों और आरोपियों, दोनों के घरों के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई। डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव लगातार हालात की निगरानी करते रहे और अधिकारियों के साथ मिलकर स्थिति को नियंत्रित रखने का प्रयास करते रहे।
-पांच आरोपी कोर्ट में पेश, चार जेल भेजे गए
ट्रिपल मर्डर मामले में गिरफ्तार पांचों आरोपियों को बुधवार को अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान एक आरोपी के नाबालिग होने की पुष्टि होने पर उसे किशोर न्याय बोर्ड के आदेश पर राजकीय संप्रेषण गृह भेज दिया गया, जबकि अन्य चार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
-खूंटे से वार कर की गई थी तीन लोगों की हत्या
गौरतलब है कि 15 और 16 जून की दरम्यानी रात कुकुरकटवा गांव में हुई इस सनसनीखेज वारदात में 65 वर्षीय श्यामलाल, 58 वर्षीय अमरावती और 55 वर्षीय इंद्रावती की निर्मम हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि हमलावरों ने खूंटे से सिर पर वार कर तीनों को मौत के घाट उतार दिया। घटना की जानकारी अगले दिन सुबह ग्रामीणों को हुई थी। पुलिस ने मामले में पड़ोसी हिमांशु यादव, उसके दो साथी निहाल गौतम और राजन यादव समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में हिमांशु का भाई अंकित और ग्राम प्रधान गुड्डू यादव भी शामिल हैं, जिन पर साजिश रचने तथा आरोपियों को फरार होने में मदद करने का आरोप है।
-मुठभेड़ में घायल हुआ मुख्य आरोपी
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी हिमांशु यादव मंगलवार देर रात हुई मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से घायल हो गया था। उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
-परिवार की मांगों और कार्रवाई पर प्रशासन करेगा उचित कार्रवाई
डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने बताया कि एक मृतका के पति बुधवार रात करीब 10 बजे गांव पहुंचे, जिसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। उन्होंने कहा कि परिवार की मांगों और आवश्यक कार्रवाई के संबंध में प्रशासन द्वारा उचित कदम उठाए जाएंगे। इसके बाद परिजन मान गए और तीनों शवों का अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया।
