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श्री राम कथा से समाज में समानता और भाईचारे का संदेश… निर्मल शरण महाराज

सामना संवाददाता / जौनपुर

श्री राम कथा केवल एक धार्मिक कथा नहीं, बल्कि जीवन जीने की संहिता है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के जीवन प्रसंग आज भी समाज को सत्य, कर्तव्य और आदर्श आचरण की सीख देते हैं। राम कथा में धर्म की रक्षा, बुराई पर अच्छाई की जीत और ईश्वर में अटूट श्रद्धा का संदेश मिलता है। जनपद की बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित तिलवारी गांव में आयोजित श्री राम कथा अमृत वर्षा में व्यास पीठ से बोलते हुए अयोध्या के प्रख्यात कथावाचक निर्मल शरण महाराज ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि राम का वनवास, रावण वध और राज्याभिषेक—हर प्रसंग यह बताता है कि सत्य के मार्ग पर चलने वाले को अंततः विजय मिलती है।
राम-सीता का दांपत्य, भरत का त्याग, लक्ष्मण की सेवा और हनुमान की भक्ति—ये सभी रिश्तों की मर्यादा सिखाते हैं। राम ने राजपाट छोड़कर पिता की आज्ञा मानी, यह कर्तव्य को सर्वोपरि रखने का उदाहरण है। निर्मल शरण महाराज ने कहा कि राम ने निषादराज, शबरी, सुग्रीव और विभीषण को गले लगाया, जिससे समाज में समानता और भाईचारे का संदेश मिलता है। 28 मई से प्रतिदिन शाम 4:30 बजे से 7:30 बजे तक आयोजित कथा में भारी संख्या में लोग कथा सुनने पहुंच रहे हैं। 6 जून को शाम 4:00 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है। कथा के आयोजक आदिनाथ मिश्रा और उनकी धर्मपत्नी प्रभावती मिश्रा हैं। मुख्य यजमान गुंजन मिश्रा, वेदांत मिश्रा और वेदिका मिश्रा हैं। वरिष्ठ पत्रकार वीरेंद्र मिश्रा स्वागताकांक्षी तथा रामसूरत मिश्रा विनयावनत के रूप में कार्यक्रम में शामिल हैं। परिवार की तरफ से शीतला प्रसाद मिश्रा, जमीदार मिश्रा, राजेंद्र मिश्रा, महेंद्र मिश्रा, लल्लन मिश्रा, सुमित मिश्रा, भानु प्रताप मिश्रा तथा सभी ग्रामवासी कथा में आने वाले लोगों का स्वागत-सम्मान कर रहे हैं। 2 जून को विधायक रमेश चंद्र मिश्र कथा में शामिल हुए। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, संजय दुबे, समाजसेवी डी.एस. तिवारी, महेंद्र पांडे समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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