सूफी खान
न्यूयार्क में ९/११ के बाद अमेरिका में मुसलमानों की जो छवि बनी थी, उसमें एक मुस्लिम मेयर का चुनौतीपूर्ण चुनाव के दौरान चुना जाना, एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। एक्सपर्ट कहते हैं कि भले ही वह मुस्लिम हों, लेकिन वह सभी समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं। अमेरिकी मुस्लिम समुदाय के लिए भी यह जीत ९/११ के हमलों के दो दशक बाद एक ऐतिहासिक रही है, उन हमलों के बाद मुसलमानों को नफरत, भेदभाव और सरकारी निगरानी जैसी चुनौतियों का सामना अमेरिका में करना पड़ा था। लेकिन जोहरान ममदानी की जीत ने बता दिया कि मुसलमान अमेरिका के ताने-बाने का हिस्सा हैं और जनता ने इसे दिल से स्वीकार किया है।
प्रेसिडेंट ट्रंप के जरिए रोकने की तमाम सियासी कोशिशों के बावजूद न्यूयॉर्क मेयर का बेहद चुनौती भरा चुनाव जीतकर इतिहास बनानेवाले पहले युवा मुस्लिम अमेरिकी मेयर बने जोहरान ममदानी ने अपनी पहली स्पीच में कहा कि ‘अना-मिन कुम व अलैकुम’। ये एक अरबी सेंटेंस है। ये दुनिया के सबसे मशहूर और ताकतवर शहरों में एक न्यूयॉर्क सिटी के लाखों बाशिंदों को शुक्रिया था, साथ ही इस वाक्य में भरोसे का एहसास भी शामिल रहा। दरअसल, अपनी इंग्लिश स्पीच में अरबी का जो पदबंध या वाक्यांश जोहरान ममदानी ने कहा और जिसके बाद महफिल तालियों से गूंज उठी। ‘अना-मिन कुम व अलैकुम’ इसका अर्थ है- ‘मैं आप में से एक हूं और मैं आपके प्रति उत्तरदायी हूं।’ ममदानी की पूरी तरह से इलेक्शन कैंपेन इसी प्रीज पर निर्भर थी। उन्होंने खुद को आम लोगों में से दिखाया और सोशल मीडिया के जरिए ऐसी कैंपेन की, जो उन्हें जमीन से जुड़ा एक नेता दिखाती है। न्यूयार्क मेयर का ये चुनाव उनके लिए बेहद मुश्किल रहा। खुद अमेरिका के राष्ट्रपति उनके पीछे पड़ गए थे। जोहरान को हराने के लिए न्यूयॉर्क में हर चाल इस्तेमाल की गई। जोहरान की लोकप्रियता और फिर उनके सामने अपने कैंडिडेट को कमजोर देखते हुए हुए ट्रंप ने निर्दलीय उम्मीदवार का समर्थन तक कर दिया था, लेकिन इस जीत के लिए जोहरान ममदानी के समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने भी जान लगा दी। उन्होंने काफी जद्दोजहद की और उनके एक लाख वॉलेंटियर्स ने डोर-टू-डोर जाकर उनके लिए वैंâपेन किया। इसलिए शानदार जीत के बाद उन्होंने एक धमाकेदार स्पीच दी और कहा, ‘अना-मिन कुम व अलैकुम’, देखा जाए तो उनकी पूरी वैंâपेन इसी वाक्य पर थी, जिसमें वो एक जमीन से जुड़े लीडर के तौर पर उभरे हैं।
ममदानी की जीत डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक बड़ा झटका भी है, क्योंकि ट्रंप लगातार ममदानी का विरोध कर रहे थे। उन्होंने धमकी दी थी कि अगर ममदानी जीते तो न्यूयॉर्क की फंडिंग रोक देंगे। बुधवार को घोषित नतीजों में उन्होंने अपने दोनों प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए बड़ी जीत दर्ज की। ट्रंप ने ममदानी को ‘कम्युनिस्ट’ करार दिया और न्यूयॉर्क शहर के लिए फंड में कटौती की धमकी भी दी थी। इन सबके बावजूद वह चुनाव जीतने में सफल रहे और ५० प्रतिशत से ज्यादा वोट मिले एंड्रू कुओमो रहेस्लिवा ७.३ प्रतिशत यानी करीब १.३७ लाख वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहे। जोहरान ममदानी का जन्म युगांडा में हुआ था और वे न्यूयॉर्क सिटी में पले-बढ़े हैं। वे न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली के सदस्य हैं और खुद को डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट के रूप में पहचानते हैं। जोहरान मशहूर भारतीय फिल्ममेकर मीरा नायर और युगांडा के भारतीय मूल के लेखक महमूद ममदानी के बेटे हैं। उनकी जीत को अमेरिका में प्रवासी भारतीय समुदाय के लिए गर्व का पल माना जा रहा है। जोहरान ममदानी ने कहा कि वे मेयर के रूप में न्यूयॉर्क में कई बड़े बदलाव लाने जा रहे हैं। उन्होंने एलान किया कि वे सभी ‘रेंट स्टेबलाइज्ड टेनेंट्स’ के किराए को तुरंत फ्रीज करेंगे और हरसंभव संसाधन का इस्तेमाल कर सस्ते मकानों का निर्माण करवाएंगे, ताकि आम लोगों का किराया बोझ घटाया जा सके। उन्होंने तेज और फ्री बस सेवा का वादा करते हुए कहा कि पूरे शहर में बस किराया पूरी तरह खत्म किया जाएगा। साथ ही बसों के लिए प्राइमरी लेन और ‘लोडिंग जोन’ बनाए जाएंगे, ताकि सड़क पर डबल पार्किंग से होनेवाली दिक्कतें खत्म हों।
