सूफी खान
हमास को खत्म करने के नाम पर इजरायल गाजा में नरसंहार कर रहा है। इस बात को दुनिया के कई देश कह रहे हैं। लोगों की न सिर्फ जान ली जा रही है, बल्कि भूख-प्यास से मर रहे लोगों तक इजरायल मदद तक नहीं पहुंचने दे रहा है। इस तरह के गंभीर आरोप इजरायल पर लगातार लग रहे हैं। हैरानी की बात तो ये है कि गाजा तक मदद पहुंचाने वालों पर इजरायल हमले करता रहता है। हालांकि, वो इन आरोपों को कभी मानता नहीं है।
इसी बीच मशहूर पर्यावरणविद ग्रेटा थनबर्ग को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि मानवीय सहायता को लेकर गाजा जा रही थनबर्ग और उनकी ६ सदस्यीय टीम के जहाज ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला पर ड्रोन हमला हुआ है। जहाज पर सवार सभी छह यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। बताया जा रहा है कि इस जहाज पर जिस हिस्से में खाने का सामान रखा गया था, वहां काफी नुकसान हुआ है।
वहीं दूसरी ओर इस ड्रोन हमले के बाद थनबर्ग का बयान आया है। उनका कहना है कि जिस नाव को निशाना बनाया गया, जिसका नाम ‘द पैâमिली’ था। इस पर पुर्तगाली झंडा लगा था। उसके मुख्य डेक और डेक के नीचे के स्टोर डिब्बों को आग से काफी नुकसान पहुंचा है। कहा जा रहा है कि फ्लोटिला गाजा पट्टी पर इजरायली समुद्री नाकाबंदी को तोड़ने के प्रयास में था, जिसके बाद यह हमला हुआ।
जहाज पर हमले की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि किस तरह से जहाज पर ड्रोन से अटैक किया गया। ये घटना ट्यूनीशियाई जलक्षेत्र में हुई। इस जहाज पर फ्लोटिला की संचालन समिति के सदस्य सवार हैं।
ट्यूनीशिया के नेशनल गार्ड ने कहा कि घटना के समय क्षेत्र में किसी भी ड्रोन गतिविधि का पता नहीं चला था। हालांकि, जीएसएफ ने सीधे तौर पर इजरायल पर आरोप लगाते हुए एक बयान में कहा कि इजरायली अधिकारियों के अलावा कोई अन्य प्राधिकारी ऐसा हमला, ऐसा अपराध नहीं कर सकता। वे पिछले २२ महीनों से नरसंहार कर रहे हैं। लेकिन वे एक शांतिपूर्ण, अहिंसक बेड़े पर हमला करने को तैयार हैं।
संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत प्रâांसेस्का अल्बानी उस समय बंदरगाह पर मौजूद थीं। वो इजरायल की कड़ी आलोचना के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि ‘वह स्थानीय अधिकारियों और फ्लोटिला आयोजकों के साथ मिलकर स्थिति की जांच कर रही हैं।’ अल्बानी ने जहाज पर लगे एक वैâमरे से ली गई वीडियो फुटेज भी साझा की, जिसमें विस्फोटों या बमबारी की आवाजें सुनाई दे रही हैं।
एक्सपर्ट मानते हैं कि हो सकता है ये इजरायल की बौखलाहट हो। जिस तरह से उसने गाजा में सहायता सामग्री के सारे रास्ते बंद किए हैं। उसके बाद कुछ जांबाज मजलूमों के लिए मदद लेकर पहुंचना चाहते हैं। ये बात इजरायल को बर्दाश्त नहीं हो रही है। हालांकि, इजरायल ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है।
