मेरी मां

सबसे प्यारी सबसे न्यारी,
मेरी दुनिया मेरी मां,
मेरी हर धड़कन में बसती,
सपनों जैसी प्यारी मां।
मेरी हंसी में हंसती हैं वो,
दुःख में ढाल बन जाती हैं,
मैं रूठूं तो प्यार से आकर,
धीरे से मुझे मनाती हैं।
उसके आंचल की खुशबू से,
महक उठे मेरा जहान,
मां के कदमों में,
बसता पूरा हिंदुस्थान।
चांद भी फीका लगता हैं,
मां के चेहरे की चमक के आगे,
मेरी मां ही मेरी ताकत,
मेरी खुशियां उसके भागे/भाग्य।
-सुनीता बिश्नोई
श्री गंगानगर, राजस्थान

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