मुख्यपृष्ठसमाचारनैनी पुलिस का सधा वार...नकबजनी गैंग का पर्दाफाश...लाखों का माल बरामद

नैनी पुलिस का सधा वार…नकबजनी गैंग का पर्दाफाश…लाखों का माल बरामद

राजेश सरकार / प्रयागराज

यमुनानगर की नैनी पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि अपराधियों के लिए शहर में जगह लगातार सिमट रही है। महज कुछ दिनों में ही दो बड़ी चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए पुलिस ने नकबजनी करने वाले गिरोह के दो शातिर सदस्यों को दबोच लिया। इन्दलपुर पार्किंग के पास से गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के कब्जे से पुलिस ने पीली व सफेद धातु के भारी मात्रा में आभूषण और 1,70,000 रुपये नकद बरामद किए हैं। जो हालिया चोरी की वारदातों से जुड़े बताए जा रहे हैं।
चोरी की वारदातों का तेज खुलासा
नैनी थाना क्षेत्र में 3 और 5 अप्रैल को दो अलग-अलग घरों में ताला तोड़कर चोरी की घटनाएं सामने आई थीं। घरों में घुसकर अलमारी तोड़ी गई और नगदी व जेवरात पर हाथ साफ किया गया। इन घटनाओं ने इलाके में दहशत का माहौल बना दिया था लेकिन पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए टीम गठित कर लगातार निगरानी और मुखबिर तंत्र के सहारे आरोपियों तक पहुंच बनाई।
लालच और लापरवाही ने खोली पोल
गिरफ्तार अभियुक्तों में रोहित कुमार (20) सक्रिय चोर, पहले से कई मामलों में लिप्त तथा मोहित कुमार (40) पेशे से सुनार, चोरी का माल खपाने में शामिल।
पूछताछ में सामने आया कि रोहित बंद मकानों को निशाना बनाकर चोरी करता था जबकि मोहित कम कीमत पर आभूषण खरीदकर उन्हें गलाकर बाजार में बेच देता था। पुलिस के अनुसार लालच और आपसी लेन-देन के दौरान ही दोनों की साजिश बेनकाब हो गई।
चोरी का नेटवर्क उजागर

पुलिस ने आरोपियों से सोने-चांदी के आभूषणों का बड़ा जखीरा धार्मिक व पारंपरिक धातु सामग्री तथा 1.70 लाख नकद बरामद किया है। यह बरामदगी न सिर्फ चोरी की घटनाओं की पुष्टि करती है, बल्कि स्थानीय स्तर पर चल रहे चोरी-खपाई नेटवर्क की ओर भी इशारा करती है।
आदतन आपराधी
मुख्य आरोपी रोहित कुमार के खिलाफ पहले से कई थानों में चोरी के गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। यह गिरफ्तारी बताती है कि अपराध की पुनरावृत्ति रोकने में सख्त निगरानी और त्वरित कार्रवाई कितनी जरूरी है। नैनी पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ संकेत दिया है कि चोरी कर बच निकलना अब आसान नहीं, अपराध और उसके नेटवर्क—दोनों पर सीधी चोट होगी। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई जारी है और पुलिस अन्य संभावित कड़ियों की भी जांच में जुटी है। हालांकि, सवाल यह भी है कि बार-बार सामने आ रहे ऐसे गिरोहों पर स्थायी लगाम कब लगेगी। यह चुनौती अभी बाकी है।

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