खुशबू सिंह
पाकिस्तान के बाजौर के कबायली इलाके में साल २०२१ में एक ऐसी घटना ने सुर्खियां बटोरीं, जिसने सभी को हैरान कर दिया। एक महिला ने अपने पहले पति की हत्या का बदला लेने के लिए ऐसी साजिश रची, जो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं। इस महिला ने न सिर्फ हत्यारे से दोस्ती की, बल्कि उससे शादी रचाई और फिर उसे मौत के घाट उतार दिया। ये कहानी न केवल बदले की आग को दर्शाती है, बल्कि एक महिला के दृढ़ संकल्प और धैर्य को भी उजागर करती है।
बदले की सनसनीखेज योजना
लुइसिम थाने के इंस्पेक्टर विलायत खान ने बताया कि ये केस इतना जटिल था कि इसे सुलझाना किसी चुनौती से कम नहीं था। महिला का दावा था कि उसके पहले पति, जो एक अफगान शरणार्थी थे, की हत्या उनके दोस्त गुलिस्तान ने की थी। तीन साल पहले उसके पति की मौत को सामान्य माना गया था, लेकिन महिला को यकीन था कि गुलिस्तान ने उन्हें जहरीला इंजेक्शन देकर मारा। उसने इस अन्याय का बदला लेने की ठान ली।
महिला ने गुलिस्तान को अपने जाल में फंसाने के लिए धीरे-धीरे उससे नजदीकियां बढ़ाईं। उसने गुलिस्तान को शादी के लिए राजी किया, जो पहले से शादीशुदा था। ईद के मौके पर दोनों ने शादी कर ली। इसके बाद उसने गुलिस्तान को एक किराए का मकान लेने के लिए मनाया और सुरक्षा के बहाने पिस्तौल खरीदने का सुझाव दिया।
हत्या की रात
तीन साल की सावधानीपूर्वक योजना के बाद महिला ने अपने मंसूबे को अंजाम दिया। उसने गुलिस्तान की पिस्तौल का इस्तेमाल सीखा और एक रात मौके की तलाश में उसके कमरे में गई। पहली बार जब उसने गोली चलाने की कोशिश की, तो पिस्तौल ने काम नहीं किया। उसने हिम्मत नहीं हारी, पिस्तौल को चेक किया और दोबारा कोशिश की। इस बार गुलिस्तान की जान चली गई। सुबह होने तक वो उसकी लाश के पास बैठी रही और फिर शोर मचाकर लोगों को बुलाया, यह दावा करते हुए कि किसी ने उसके पति को मार दिया।
पुलिस की जांच और सजा
पुलिस ने जब जांच शुरू की तो महिला ने पहले इनकार किया, लेकिन कड़ाई से पूछताछ में उसने सच उगल दिया। उसने हत्या की पूरी कहानी और पिस्तौल पुलिस को सौंप दी। कोर्ट में पेशी के बाद उसे चकदरा जेल भेज दिया गया। ये घटना न केवल बदले की कहानी है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि दुख और अन्याय इंसान को कितना बदल सकता है।
