मोर्चा, धरना और नारेबाजी से गूंजे राज्य के जिलाधिकारी और तहसील कार्यालय
सामना संवाददाता / मुंबई
मूसलाधार बारिश के कारण राज्य में लाखों हेक्टेर खेती का नुकसान हुआ है। किसानों की मांग है कि प्रति हेक्टेर ५० हजार रुपए मुआवजा, संपूर्ण कर्जमाफी और फसल बीमा के पुराने मानदंड बहाल किए जाएं। घरों, पशुओं और दुकानों के नुकसान के लिए भी भरपूर क्षतिपूर्ति दी जानी चाहिए। इसके लिए किसान अब सड़कों पर उतर आए हैं, लेकिन सरकार ने केवल तुच्छ और भ्रामक पैकेज घोषित कर किसानों के साथ धोखा किया। इसी के विरोध में और किसानों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर शिवसेना ने कल राज्यव्यापी आंदोलन किया। मराठवाड़ा सहित राज्यभर के जिलाधिकारी और तहसील कार्यालयों के बाहर कल तीव्र प्रदर्शन, मोर्चा और धरना आयोजित किए गए। शिवसेना की मांग है कि सरकार सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि किसानों के हाथों में प्रत्यक्ष सहायता पहुंचाए।
हजारों शिवसैनिकों और किसानों ने कल सुबह ११ बजे जिलाधिकारी और तहसील कार्यालयों पर धावा बोला। भारी बारिश से हुए भारी नुकसान को देखते हुए मंगलवार को सरकार द्वारा घोषित सहायता पैकेज अत्यंत अपर्याप्त बताया जा रहा है।
