-ईरान ने ७७ जहाजों को प्रतिबंधित सूची में डाला;
नियम तोड़े तो जुर्माना, हिरासत या जब्ती की चेतावनी
-ब्रेंट डॉलर १०७ के पार, दुनिया की तेल सप्लाई पर संकट और गहराया
तेहरान। होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव अब केवल हमलों और जहाजों की आवाजाही तक सीमित नहीं रहा। ईरान की पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी ने ७७ जहाजों की नई ‘नॉन-कम्प्लायंट’ सूची जारी कर चेतावनी दी है कि भविष्य में इन जहाजों के कथित नियम उल्लंघन पर जुर्माना, हिरासत या जहाज जब्त करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
ईरान ने बीमा कंपनियों, पी एंड आई क्लबों और जहाज वर्गीकरण संस्थाओं तक को चेताया है कि सूचीबद्ध जहाजों को सेवाएं देने पर उन्हें भी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। यानी दबाव अब केवल जहाज मालिकों पर नहीं, बल्कि पूरी समुद्री वित्त और बीमा शृंखला पर डालने की कोशिश है।
सबसे चिंताजनक संकेत जहाजी यातायात में आई गिरावट है। शुरुआती ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, सप्ताहांत में होर्मुज से गुजरने वाले कमोडिटी जहाजों की संख्या कई दिनों में एक अंक तक सिमट गई, जबकि सामान्य १० दिवसीय औसत करीब १४ जहाज प्रतिदिन था। हालांकि, एआईएस बंद करके गुजरने वाले ‘डार्क’ जहाज इस आंकड़े में शामिल न हों, यह संभव है।
इसी बीच पश्चिम एशिया में हमलों और सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर संकट ने तेल बाजार को और झटका दिया है। ब्रेंट क्रूड सोमवार को करीब १०७-१०८ डॉहर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया। यानी होर्मुज संकट का नया चरण शुरू हो गया है।
चिंता का विषय
पहले जहाजों पर हमले का डर था, अब ब्लैकलिस्ट, हिरासत और जब्ती की धमकी भी जुड़ गई है। ऐसे में दुनिया के लिए असली चिंता यही है कि यदि तेल उपलब्ध हो भी तो उसे सुरक्षित रास्ते से बाहर निकाला कैसे जाए?
