उमेश गुप्ता / वाराणसी
कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को काशी में गंगा घाटों पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। अस्सी से लेकर दशाश्वमेघ और राजेंद्र प्रसाद घाट तक श्रद्धालुओं की भीड़ गंगा में डुबकी लगाने के लिए उमड़ती रही। भोर से ही घाटों पर स्नान करने वालों का तांता लग गया।
मंगलवार की शाम से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। बुधवार की सुबह जैसे ही सूर्य की पहली किरण गंगा पर पड़ी, वैसे ही आस्था का महापर्व अपने चरम पर पहुंच गया। गंगा में डुबकी लगाकर श्रद्धालुओं ने भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया और कार्तिक स्नान का पुण्य कमाया।
गंगा घाटों पर सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। स्थानीय पुलिस, जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें तैनात रहीं। अस्सी से लेकर राजघाट तक घाटों पर बैरिकेडिंग की गई है ताकि भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके। भीड़ के कारण शहर के कई इलाकों में जाम की स्थिति भी बनी रही। डीसीपी काशी जोन गौरव वंशवाल ने भोर चार बजे से ही गोदौलिया चौराहे पर मोर्चा संभाल लिया। शहर में ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है और घाटों की ओर जाने वाले रास्तों को चार पहिया वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है।
गंगा गोमती संगम पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने स्नान किया। सुबह से लेकर दोपहर तक आस्था का यह प्रवाह अनवरत चलता रहा।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें और घाटों पर व्यवस्था बनाए रखें। साथ ही नदी किनारे अधिक भीड़ न करने और पुलिस के निर्देशों का पालन करने की भी अपील की गई ।
