– मुंबईकरों को जाम से राहत कब?
– गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना की रफ्तार पर सवाल
संदीप पांडेय / मुंबई
मुंबई में पूर्व और पश्चिम उपनगरों के बीच सफर आसान बनाने के लिए बनाई जा रही गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (जीएमएलआर) परियोजना की सुरंग का काम शुरू तो हो गया है, लेकिन अब तक की प्रगति पर नजर डालें तो मंजिल अभी काफी दूर है। संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान६ के नीचे सुरंग खोद रही पहली टनल बोरिंग मशीन ‘तुलसी’ करीब दो महीने में सिर्फ १८३ मीटर खुदाई कर पाई है। करीब ५.३ किलोमीटर लंबी प्रस्तावित सुरंग के मुकाबले यह शुरुआती प्रगति है। ऐसे में सवाल उठता है कि मुंबईकरों को जाम से राहत दिलाने का सपना तय समय में कैसे पूरा होगा?
मनपा के मुताबिक, ‘तुलसी’ ने १७ अगस्त को खुदाई शुरू की थी। परियोजना के इस हिस्से में दो समानांतर सुरंगें बनाई जानी हैं, जिनमें से प्रत्येक लगभग ५.३ किलोमीटर लंबी होगी। सुरंग परियोजना पर करीब ६,६०० करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। पूरी गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना की लंबाई लगभग १२.२ किलोमीटर है।
दूसरी मशीन से बढ़ेगी रफ्तार?
मनपा की दूसरी टनल बोिंरग मशीन ‘विहार’ का साइट एक्सेप्टेंस टेस्ट (एसएटी) पूरा हो गया है। इससे दूसरी सुरंग की खुदाई शुरू करने का रास्ता साफ हुआ है। दोनों मशीनों से समानांतर सुरंगों की खुदाई होने पर काम को गति मिलने की उम्मीद है।
