-अमेरिकी सियासत में भूचाल, जवाबदेही पर उठे सवाल
-विपक्ष का सवाल, `मोदी जी, तस्वीरों का सच बताएं?’
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
अमेरिकी यौन अपराधी जेप्रâी एपस्टीन और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की तस्वीरें सामने आने के बाद देश की सियासत में घमासान मच गया है। अमेरिकी न्याय विभाग की वेबसाइट पर मौजूद इन तस्वीरों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा है। विपक्ष का सवाल है कि जब पुरी दावा करते रहे हैं कि वे एपस्टीन से केवल प्रतिनिधिमंडल के साथ मिले थे और कभी अकेले मुलाकात नहीं की, तो सामने आई तस्वीरें क्या कहानी बयां कर रही हैं?
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने तस्वीरों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि पुरी के पुराने दावों और तस्वीरों के बीच क्या संबंध है। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी सवाल किया कि यदि मुलाकातें प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई थीं, तो तस्वीरों में प्रतिनिधिमंडल के दूसरे सदस्य कहां हैं?
`पीएम मोदी हरदीप सिंह पुरी को तुरंत बर्खास्त करें’ – सुब्रमण्यम स्वामी
`पीएम मोदी हरदीप के `प्रदाता’ की भूमिका में उलझे हुए हैं। इसलिए, हमारे प्रधानमंत्री को भारतीय मीडिया के सामने खुलकर आना चाहिए और यह स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने हरदीप के साथ क्या किया। मैं अदालत जा सकता हूं, लेकिन भाजपा के लिए यही बेहतर होगा कि मोदी खुद अपनी स्थिति स्पष्ट करें।’
कंग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस मामले को लेकर भाजपा और आरएसएस पर तंज कसा। उन्होंने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि उनके हिसाब से किस देश-विरोधी गद्दार को ब्लैकमेल किया जा रहा है। उनके इस बयान ने सियासी बहस को और तेज कर दिया है।
नवंबर २०२५ में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की निगरानी समिति से जुड़ी एक ईमेल के जरिए पुरी और एपस्टीन के संपर्क का मामला सार्वजनिक चर्चा में आया था। बाद में जारी दस्तावेजों में २०१५, २०१६ और २०१७ में न्यूयॉर्क में मुलाकातों का जिक्र सामने आया। उस समय तक एपस्टीन २००८ में यौन अपराध के मामले में दोषी ठहराया जा चुका था।
