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जनसुरक्षा विधेयक के विरोध में आज विपक्ष का राज्यव्यापी आंदोलन…शिवसेना की सक्रिय भागीदारी

सामना संवाददाता / मुंबई

शहरी नक्सलवाद के खात्मे के नाम पर भाजपा द्वारा लाए गए जनसुरक्षा विधेयक का विरोध करने के लिए सभी विपक्षी दलों ने आक्रामक रुख अपनाया है। आज, बुधवार को शिवसेना, कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सहित अन्य समान विचारधारा वाले दलों की ओर से राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा। इसके बाद दो अक्टूबर को एक बार फिर राज्यव्यापी आंदोलन होगा।
जनसुरक्षा विधेयक को तानाशाही प्रवृत्ति वाला कानून बताया जा रहा है और आशंका जताई जा रही है कि सरकार के खिलाफ उठनेवाली आवाज को दबाने के लिए इस कानून का हथियार की तरह इस्तेमाल किया जाएगा। नक्सलवाद को खत्म करने के लिए पहले से ही कड़े कानून मौजूद हैं इसलिए अलग कानून की जरूरत नहीं है, लेकिन सरकार अडानी जैसे उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है और उनके खिलाफ कोई भी आंदोलन न हो, कोई आवाज न उठे, इसके लिए यह कानून लाया गया है। इस कानून के तहत किसी को भी गिरफ्तार करने, जेल में डालने और संपत्ति जब्त करने का प्रावधान है। इस काले कानून को रोकने के लिए विपक्षी दल एकजुट हुए हैं। इसी के तहत आज और २ अक्टूबर को राज्य में आंदोलन किया जाएगा। इस तरह की जानकारी प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने दी। कुछ महीने पहले यशवंतराव चव्हाण सेंटर में शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे, राष्ट्रवादी कांग्रेस अध्यक्ष शरद पवार और उल्का महाजन की मौजूदगी में इस विधेयक के विरोध में सभा आयोजित की गई थी। उस समय उद्धव ठाकरे ने आश्वासन दिया था कि आंदोलन में शिवसेना पूरी ताकत से खड़ी होगी इसलिए बुधवार के आंदोलन में शिवसेना की सक्रिय भागीदारी रहेगी। राज्यभर में जिला स्तर पर होनेवाले आंदोलनों में शिवसेना के सभी पदाधिकारी शामिल होंगे। इस तरह की जानकारी शिवसेना सांसद अनिल देसाई ने दी।
कौन-कौन से दल होंगे शामिल?
इस विधेयक के खिलाफ होनेवाले आंदोलन में शिवसेना, कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार), माकपा, भाकपा, शेकाप सहित कई समान विचारधारा वाले दल हिस्सा लेंगे।
शिवाजी पार्क पर आंदोलन
शिवाजी पार्क में मैदान में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के पास बुधवार दोपहर साढ़े तीन बजे आंदोलन होगा। इसमें विधायक महेश सावंत सहित शिवसेना और समान विचारधारा वाले दलों के कार्यकर्ता शामिल होंगे।

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