अमिताभ श्रीवास्तव
इस वर्ष की मिस यूनिवर्स चुनी जानी है। स्पर्धा अपने अंतिम चरणों में है, पैâसला आज होना है मगर ऐसा कांड हो गया है कि अब इन सुंदरियों का रिजल्ट कौन देगा? क्योंकि जितने जज है उनमें से धीरे-धीरे सब अपना इस्तीफा दे रहे हैं यानी कौन जज पैâसला करेगा अब? ये कांड पूरी दुनिया को चौंका गया है। जी हां, बैंकॉक में आयोजित मिस यूनिवर्स २०२५ प्रतियोगिता में नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिल रहा है। २१ नवंबर को बैंकॉक, थाईलैंड में होने वाले समारोह से ठीक पहले, मिस यूनिवर्स चयन समिति की अध्यक्ष राजकुमारी वैâमिला डि बोरबोन डेल्ले डुए सिसिली ने अपनी निर्णायक भूमिका से इस्तीफा दे दिया है। इस अप्रत्याशित विदाई के बाद उमर हार्फूच और प्रâांसीसी फुटबॉल मैनेजर क्लाउड मैकेलेले ने भी इस्तीफा दे दिया, जिससे विवाद और बढ़ गया। इससे पहले, उमर ने निर्णायक मंडल से इस्तीफा दे दिया था और आरोप लगाया था कि एक ‘अनायास गठित जूरी’ ने मूल आठ निर्णायकों के बिना ही शीर्ष ३० प्रतियोगियों का चयन कर लिया था। निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। इससे भी बदतर बात यह रही कि मिस जमैका, डॉ. गैब्रिएल हेनरी, १९ नवंबर को प्रारंभिक प्रतियोगिता के दौरान मंच से बुरी तरह गिर गईं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। सौभाग्य से, उन्हें कोई जानलेवा चोट नहीं आई है, लेकिन फाइनल में उनकी भागीदारी अनिश्चित है।
भज्जी ने ये क्या कर डाला?
पाकिस्तान के साथ किसी भी प्रकार के रिश्ते बाधित हैं। क्रिकेटरों द्वारा उनके खिलाड़ियों का बहिष्कार भी इसमें शामिल है। मैच के दौरान हाथ तक नहीं मिलाया जा रहा है और इस मध्य हरभजन सिंह ने ऐसा काम कर डाला कि सब चौंक गए हैं। जबकि खुद हरभजन पाकिस्तान के खिलाफ थे। जी हां, भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह को पिछले दिनों अबू धाबी टी १० लीग के दौरान पाकिस्तान के तेज गेंदबाज शाहनवाज दहानी से हाथ मिलाते हुए देखा गया। मुस्कुराहटों और शुभकामनाओं के इस संक्षिप्त आदान-प्रदान ने ध्यान आकर्षित किया क्योंकि यह ऐसे समय में हुआ जब इस साल की शुरुआत में पहलगाम हमले के बाद, जिसने सीमा पार तनाव को बढ़ा दिया और क्रिकेट को भी अपनी चपेट में ले लिया, दोनों देशों के खिलाड़ी मैदान पर हाथ मिलाने से काफी हद तक बच रहे हैं। तब से, भारतीय पुरुष, महिला और आयु वर्ग की टीमों ने कई टूर्नामेंटों में मैच के बाद होने वाले पारंपरिक हाथ मिलाने से परहेज किया है। हरभजन ने खुद भी पहले कड़ा रुख अपनाया था। २०२५ के मध्य में, उन्होंने पूर्व भारतीय सितारों शिखर धवन, सुरेश रैना और पठान बंधुओं के साथ मिलकर राष्ट्रीय भावनाओं का हवाला देते हुए वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स में पाकिस्तान के खिलाफ मैच से नाम वापस ले लिया था। उनके बहिष्कार के परिणामस्वरूप भारतीय चैंपियंस टीम को सेमीफाइनल मैच हारना पड़ा। फिर भी पिछले दिनों की बातचीत ने एक गर्मजोशी भरा पल दिया। दहानी, जिन्होंने मैच में १० रन देकर २ विकेट चटकाए थे, आखिरी गेंद के बाद हरभजन के पास आए और एस्पिन स्टैलियंस के कप्तान ने हाथ मिलाकर और थोड़ी बातचीत करके जवाब दिया।
(लेखक वरिष्ठ खेल पत्रकार व टिप्पणीकार हैं।)
