-पुस्तक विमोचन, साहित्यिक परिचर्चा के साथ काव्य गोष्ठी संपन्न
सामना संवाददाता / आजमगढ़
मुंबई के ख्यातिलब्ध व्यंग्यकार एवं लेखक राजेश विक्रांत द्वारा संपादित पुस्तक “जितेन्द्र पाण्डेय : व्यक्तित्व और सृजन” लोगों को, खास तौर से नई पीढ़ी को, साहित्य सेवा के लिए प्रेरित करेगी। यह उद्गार साहित्यकार डॉ. श्याम वृक्ष मौर्य ने रविवार, 10 मई को मारवाड़ी धर्मशाला, आजमगढ़ में संपन्न एक विशेष कार्यक्रम में व्यक्त किए। तमसा काव्य मंच और हिंदी शोध एवं संवर्धन अकादमी, आजमगढ़ इकाई के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम में पुस्तक विमोचन, साहित्यिक परिचर्चा के साथ काव्य गोष्ठी का भी आयोजन हुआ। डॉ. मौर्य ने इसमें पर्यावरण संरक्षण के लिए प्लास्टिक मुक्त समाज के निर्माण का आह्वान भी किया।
कार्यक्रम की शुरुआत मंचस्थ अतिथियों साहित्यकार हरिहर पाठक, परमहंस सिंह, कवि सोहन लाल गुप्त ‘स्नेहिल’ तथा शिक्षक बरुण कुमार पांडेय द्वारा सरस्वती जी के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। संयोजक कवि लाल बहादुर चौरसिया ‘लाल’ एवं कवि राकेश पाण्डेय ‘सागर’ ने अतिथियों का स्वागत किया। कवयित्री सरोज यादव ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की – “हे जननी, तार हृदय के खोल।” महुआ सुर संग्राम विजेता भोजपुरी गायक व रचनाकार वीरेंद्र भारती ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया – “श्रीमन जो पधारे हैं, महक उठा घर-आंगन।” डॉ. श्याम वृक्ष मौर्य को आयोजन समिति द्वारा श्याम नारायण पाण्डेय सम्मान से सम्मानित किया गया।
“जितेन्द्र पाण्डेय : व्यक्तित्व और सृजन” के संपादक राजेश विक्रांत ने पुस्तक की रचना प्रक्रिया साझा करने से पहले आजमगढ़ की साहित्यिक उर्वरा मिट्टी को प्रणाम किया। उन्होंने कहा कि “अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’, श्याम नारायण पाण्डेय, मौलाना शिबली नोमानी और कैफी आजमी की धरती से प्रेरणा लेने की जरूरत है। डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय के जीवन और रचनाकर्म पर देश के प्रतिष्ठित रचनाकारों एवं संपादकों के लेखों व संस्मरणों से सजी यह पुस्तक सभी पढ़ें और जीवन में सत्कर्मों की खुशबू महसूस करें।” समारोह के मुख्य वक्तागण बरुण कुमार पाण्डेय, मंगलदेव तिवारी ‘राज’, संतोष कुमार सिंह और डॉ. ईश्वर चन्द्र त्रिपाठी रहे। आभार प्रदर्शन में डॉ. जितेंद्र पाण्डेय ने कहा कि “लेखन, शिक्षा व व्यवहार में भारतीय परंपराओं को शामिल कर देश का रचनात्मक पुनर्निर्माण किया जा सकता है।”इसके बाद सुप्रसिद्ध कवि, साहित्यकार व मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. तारकेश्वर मिश्र ‘जिज्ञासु’ के संचालन में कवि गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें अनुपम पाण्डेय ‘अनहद’, रवि प्रकाश, महेंद्र मृदुल, आदित्य आजमी, महेंद्र मौर्य, सतेंद्र गौतम, संजय कुमार ‘स्नेही’, संदीप गांधी ‘नेहाल’, रोहित राही, घनश्याम यादव, कौशल किशोर राय, राकेश पाण्डेय ‘सागर’ आदि ने काव्य पाठ किया।
