– वॉलीबॉल लीग को होस्ट करने के लिए (शहर) गई थी उपासिता
नेपाल इस समय हिंसा के दौर से गुजर रहा है। सोशल साइट्स को बंद करने के बाद वहां के जेन-जेड यानी युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा। हजारों की संख्या में युवा सड़कों पर उतर कर सरकार का विरोध करने लगे। नेपाल के आम लोगों के मन में ओली सरकार, मंत्रियों और नेताओं के भ्रष्टाचार को लेकर पहले से ही असंतोष और गुस्सा भरा हुआ था। सोशल मीडिया पर बैन ने उसे हवा दे दी। अचानक भड़की इस हिंसा की चपेट में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भी आए हैं। इनमें भारतीय टूरिस्ट भी शामिल हैं। राजधानी काठमांडू में पैâलीr हिंसा की चपेट में फंसी एक भारतीय महिला पर्यटक ने सरकार से जान बचाने की गुहार लगाई है।
महिला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो जारी कर कहा कि वे जिस होटल में ठहरी थीं, उन्मादी भीड़ ने उसे आग के हवाले कर दिया है। उन्होंने इस वीडियो के माध्यम से बताया कि भीड़ उनके पीछे लाठी-डंडे लेकर दौड़ प़ड़ी। उन्होंने किसी तरह अपनी जान बचाई। महिला ने भारत सरकार से जान बचाने की गुहार लगाई है।
बता दें कि पोखरा में चल रहे जेन-जेड प्रदर्शनों के बीच एक भारतीय महिला पर्यटक ने भारतीय सरकार और दूतावास से मदद की गुहार लगाई है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में उपासिता काले नाम की महिला ने बताया कि जिन प्रदर्शनकारियों ने उनके होटल को आग के हवाले कर दिया, वही लाठियां लेकर उनका पीछा कर रहे थे। इसके चलते उन्हें जान बचाकर भागना पड़ा। उपासिता काले ने बताया कि वह नेपाल वॉलीबॉल लीग को होस्ट करने के लिए पोखरा आई थीं, लेकिन विरोध प्रदर्शनों के दौरान उनका होटल जला दिया गया और उनके सभी सामान राख में बदल गए।
`ऐसा लग रहा है कि जान वापस आ गई’
नेपाल में जारी हिंसक प्रदर्शन के बीच असम लौटे कोहिला नामक यात्री ने कहा है, `वहां स्थिति नियंत्रण से बाहर है और हड़ताल १०-१५ दिनों तक जारी रहेगी।’ यात्री ने कहा, `वापस आकर अच्छा लग रहा है। ऐसा लग रहा है कि जान वापस आ गई।’ कई भारतीय दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल) के पानीटंकी में भारत-नेपाल बॉर्डर पार कर भारत लौटे।
