मुख्यपृष्ठस्तंभसियासी सरगोशियां :  डबल इंजन का तेल खत्म!

सियासी सरगोशियां :  डबल इंजन का तेल खत्म!

ईश्वरी राज

बुलडोजर से बूथ

यूपी में भाजपा का ‘बूथ जोड़ो’ दूसरे दिन ही लड़खड़ा गया। ५० नए वोटर का टारगेट मिला तो कार्यकर्ता बोले ‘भैया, दोपहर में ४५ डिग्री है, वोटर तो एसी में घुसा है।’ योगी ने १० जिलों के डीएम-एसएसपी को तलब कर लिया, ‘२०२४ में जो सीटें फिसलीं, २०२७ में वहां से ही हिसाब शुरू होगा।’ अखिलेश ने आज इटावा में पलटवार किया ‘बुलडोजर से बूथ नहीं बनते, भरोसे से बनते हैं’। २२ जून से ‘संविधान रथ’ का रूट फाइनल, पहला स्टॉप मुजफ्फरनगर।
उद्घाटन कब?
उत्तराखंड में धामी की ‘जन मिलन यात्रा’ का दूसरा दिन टिहरी में अटक गया। जनता बोली ‘हॉस्टल-रोड-सेंटर का शिलान्यास पांचवीं बार हो रहा, उद्घाटन कब?’ सीएम ने मंच से ही डीई और जेई को सस्पेंड करने की धमकी दे डाली। पार्टी ने २०२७ के लिए ‘५० प्लस’ का नारा दिया, पर १५ विधायक बोले ‘हमें तो पहले ही हारा हुआ मान लिया।’ विपक्ष बोला ‘डबल इंजन का तेल खत्म हो गया क्या?’
वंशवाद पर प्रवचन
बिहार में सत्ता की ‘वॉयस कमांड’ चालू है। सम्राट चौधरी वैâबिनेट चलाते हैं, पर वीसी पर नीतीश की आवाज आती है ‘ये वाला नहीं, वो वाला करो’। निशांत कुमार को पंचायती राज मिलते ही जेडीयू में जश्न, बीजेपी के व्हॉट्सऐप ग्रुप में सन्नाटा, ‘वंशवाद पर प्रवचन कौन देगा अब?’। तेजस्वी ने २५ जून से ‘नौकरी वापसी यात्रा’ का पोस्टर चिपका दिया। बोले ‘१७ महीने में जो दिया, ५ साल में डबल करेंगे’।
पेट नहीं भरता मामा…!
मध्य प्रदेश में मोहन यादव ने आज नया दांव फेंका, ‘सीएम युवा इंटर्नशिप २.०’। १० हजार लड़कों को कलेक्टर के साथ अटैच करेंगे, स्टाइपेंड १० हजार। विपक्ष बोला ‘इंटर्नशिप से पेट नहीं भरता मामा, परमानेंट नौकरी दो’। कांग्रेस में जीतू पटवारी ने भोपाल में ‘हाथ से हाथ जोड़ो’ यात्रा निकाल दी। कमलनाथ दिल्ली में डेरा डाले हैं, बोले ‘टिकट मैं दूंगा’, पटवारी बोले ‘जिला मैं देखूंगा’। भोजशाला पर ३० जून से पहले कर्फ्यू जैसे हालात, दोनों पक्ष आमने-सामने।
पायलट की उड़ान
राजस्थान में भजनलाल पर दिल्ली का प्रेशर कुकर चढ़ गया है। साफ मैसेज, ‘२८ जून तक वैâबिनेट विस्तार, वरना विस्तार हम करेंगे’। ६ सीट खाली, २० नाम फाइनल लिस्ट में। वसुंधरा को २ सीट का ऑफर गया है, पर शर्त है ‘वफादारी की गारंटी’। पायलट आज टोंक में गरजे ‘२०२३ में जनता हमारे साथ थी, सिस्टम उनके साथ’। किसान महापंचायत ने १ जुलाई को जयपुर कूच बुला लिया, ‘एमएसपी नहीं तो साथ नहीं’।
कुल मिलाकर सत्ता पक्ष हर राज्य में ‘रिपोर्ट कार्ड’ के डर से दौड़ रहा है। दिल्ली पूछ रही ‘बूथ कितने मजबूत?’, जवाब आता है ‘साहब, पहले ट्रांसफर-पोस्टिंग तो करवा दो’।

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