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ठाणे में नवरात्रोत्सव की तैयारी शुरू…३,८६२ देवी की मूर्तियां होंगी स्थापित!

-५९० सार्वजनिक और ५०० निजी स्थानों पर किए जाएंगे गरबा और डांडिया का आयोजन

सामना संवाददाता / मुंबई

आगामी २२ सितंबर से शुरू होनेवाले शारदीय नवरात्रोत्सव की तैयारियां ठाणे जिले में जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। जिले में इस वर्ष देवी की ३,८६२ मूर्तियां और ७,५३२ कलश स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही ५९० सार्वजनिक स्थानों और ५०० निजी स्थानों पर गरबा और डांडिया के भी आयोजन किए जाएंगे। इससे युवाओं सहित आम लोगों में उत्सव को लेकर उत्सुकता दिखाई दे रही है। बता दें कि गणेशोत्सव की तरह ठाणे जिले में नवरात्रि उत्सव पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया जाता है। शिवसेना के दिवंगत जिला प्रमुख आनंद दिघे द्वारा ठाणे शहर के टेंभी नाका में शुरू किया गया जय अंबे मां सार्वजनिक नवरात्रि उत्सव मुख्य आकर्षण का केंद्र रहता है। इसके साथ ही, कल्याण के दुर्गाडी मंदिर में भी नवरात्रि उत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष जिले में ३,८६२ स्थानों पर देवी दुर्गा की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। इनमें से ६०८ सार्वजनिक क्षेत्र में और ३,२५४ निजी क्षेत्र में स्थापित की जाएगी।
ठाणे मंडल में १०८ सार्वजनिक क्षेत्र में और २३१ निजी क्षेत्र में, भिवंडी में ९६ सार्वजनिक क्षेत्र में और १८६ निजी क्षेत्र में, कल्याण में १३६ सार्वजनिक क्षेत्र में और २,६२४ निजी क्षेत्र में, उल्हासनगर में ११८ सार्वजनिक क्षेत्र में और ८९ निजी क्षेत्र में, वागले इस्टेट में १५० सार्वजनिक क्षेत्र में और १२४ निजी क्षेत्र में देवी की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। देवी की मूर्ति के साथ ही घट (कलश) स्थापित करने की प्रथा है। घट स्थापित करनेवाले भक्तों की संख्या भी अधिक होती है। इस वर्ष ७,५३२ घट स्थापित किए जाएंगे। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र में ४६ और निजी क्षेत्र में ७,४८६ घट स्थापित किए जाएंगे। वहीं कई स्थानों पर देवी की प्रतिमा रखकर उसकी पूजा की जाती है। उसके चारों ओर घूमकर गरबा खेला जाता है। ऐसे १३३ सार्वजनिक और २८७ निजी क्षेत्रों में देवी की प्रतिमा की पूजा की जाएगी। इस दौरान युवा नौ दिनों तक डांडिया-रास गरबा में नृत्य करेंगे। इस वर्ष ५९० सार्वजनिक और ५०० निजी रासगरबा का आयोजन किया गया है।
रामलीला का आयोजन
नवरात्रि के दौरान दुर्गा देवी के जागरण के साथ राम की भी पूजा की जाती है। उसके बाद, दसवें दिन रावण दहन की प्रथा है। इसी के तहत भिवंडी, उल्हासनगर और वागले इस्टेट तीन स्थानों पर रामलीला का आयोजन किया गया है। जिले में १२ स्थानों पर रावण दहन होगा।

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