मुख्यपृष्ठसमाचारपाताल में पहुंचा देश का विदेशी मुद्रा भंडार!

पाताल में पहुंचा देश का विदेशी मुद्रा भंडार!

-मोदी सरकार की नीतियों का कमाल

-१० अरब डॉलर घटा फॉरेक्स रिजर्व

-गोल्ड रिजर्व में भी आई भारी कमी

सामना संवाददाता / मुंबई

मोदी सरकार की नीतियों का असर विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ा है। भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बीते हफ्ते तेज गिरावट देखने को मिली है। इस दौरान फॉरेक्स रिजर्व १० अरब डॉलर घट गया है। रिजर्व में ये गिरावट सोने के भंडार में आई गिरावट की वजह से दिखी। हालांकि, रिजर्व के मुख्य हिस्से फॉरेन करेंसी एसेट्स में इस दौरान सीमित बढ़त रही। यानि सोने में गिरावट से ही पूरे रिजर्व पर असर पड़ा है।
उल्लेखनीय है कि जून के पहले २ हफ्ते में सोने की कीमतों में करीब ७ फीसदी की गिरावट आई है कीमतों में इस गिरावट का ही असर मूल्य में दिखा है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के ताजा आंकड़ों के अनुसार १२ जून २०२६ को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) ९.९८५ अरब डॉलर घटकर ६७१.६२५ अरब डॉलर रह गया। भारतीय करेंसी में ये रकम ६३.८८ लाख करोड़ रुपए के बराबर हैं। फॉरेक्स रिजर्व में यह गिरावट मुख्य रूप से गोल्ड रिजर्व में आई भारी कमी की वजह से दर्ज की गई है। इससे पहले वाले सप्ताह में भी विदेशी मुद्रा भंडार ७११ मिलियन डॉलर घटा था। आंकड़ों के मुताबिक, १२ जून को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां ८४.६ करोड़ डॉलर बढ़कर ५४४.२९० अरब डॉलर हो गईं। उक्त रकम ५१.७७ लाख करोड़ रुपए के बराबर है। विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां फॉरेक्स रिजर्व का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं और इनमें यूरो, पाउंड तथा येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं के मूल्य में उतार-चढ़ाव का भी असर शामिल होता है।
आईएमएफ में भारत की रिजर्व पोजीशन भी लुढ़की
आरबीआई के अनुसार, सोने का भंडार १०.७५४ अरब डॉलर घटकर १०३.८२१ अरब डॉलर रह गया, जिसकी वजह से कुल विदेशी मुद्रा भंडार में तेज गिरावट देखने को मिली।
भारतीय करेंसी में सोने के भंडार ९.८७ लाख करोड़ रुपए पर आ गया। इसके अलावा, एसडीआर ६६ मिलियन डॉलर घटकर १८.६९९ अरब डॉलर रह गया।
वहीं अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास भारत की रिजर्व पोजीशन भी ११ मिलियन डॉलर घटकर ४.८१५ अरब डॉलर रह गई।

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