राजनीति और नैतिकता अक्सर दो अलग-अलग पटरियां मानी जाती हैं, लेकिन जब ये दोनों आपस में टकराती हैं, तो बड़े-बड़े साम्राज्यों और सत्ताओं के सिंहासन हिल जाते हैं।’
इटली की राजनीति के इतिहास में जब भी ताकत, ग्लैमर और अनैतिकता के मिलन की बात होगी, तो पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी का नाम सबसे ऊपर आएगा। बर्लुस्कोनी केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि वे देश के सबसे अमीर मीडिया टायकून भी थे। अपने रसूख और रंगीन मिजाज के कारण वे हमेशा सुर्खियों में रहते थे, लेकिन उनके जीवन का सबसे बड़ा काला अध्याय बना उनका कुख्यात ‘बुंगा बुंगा’ पार्टी विवाद।
यह स्वैंâडल महज कुछ निजी पार्टियों तक सीमित नहीं था, बल्कि इसने इटली की राजनीति और न्यायपालिका में भूचाल ला दिया था। मिलान के पास अर्कोरे स्थित उनके आलीशान विला में होने वाली इन पार्टियों में मॉडल, शो-गर्ल्स और कई हाई-प्रोफाइल हस्तियां शामिल होती थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन महफिलों में अश्लीलता और अय्याशी की सारी हदें पार की जाती थीं, जिसे बर्लुस्कोनी खुद ‘बुंगा बुंगा’ पार्टियां कहकर संबोधित करते थे। इस विवाद का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब इसमें ‘रूबी’ (कराइमा एल-महरौक) नाम की एक मोरक्को की नाबालिग डांसर का नाम जुड़ा। जांच में सामने आया कि बर्लुस्कोनी ने इस नाबालिग लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाए और बदले में उसे भारी मात्रा में पैसे व महंगे उपहार दिए। जब रूबी को किसी अन्य मामले में पुलिस ने हिरासत में लिया, तो बर्लुस्कोनी ने अपनी सत्ता और पद का दुरुपयोग करते हुए पुलिस पर दबाव डालकर उसे रिहा करवा दिया था।
इस खुलासे के बाद इटली ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में हंगामा मच गया। बर्लुस्कोनी पर सत्ता के दुरुपयोग और नाबालिग के साथ वेश्यावृत्ति के आरोप में कानूनी मुकदमा चलाया गया। हालांकि बर्लुस्कोनी हमेशा इन आरोपों को खारिज करते रहे और अपने बचाव में अजीबोगरीब तर्क देते रहे, लेकिन इस सेक्स स्वैंâडल ने उनकी राजनीतिक छवि को अपूर्णीय क्षति पहुंचाई।
अंतत:, बढ़ते जनआक्रोश, कानूनी शिकंजे और राजनीतिक दबाव के चलते बर्लुस्कोनी को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। ‘बुंगा बुंगा’ कांड यह साबित करता है कि चाहे कोई कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, सार्वजनिक जीवन में अनैतिकता और कानून का उल्लंघन एक दिन उसके पतन का कारण बन ही जाता है। बर्लुस्कोनी का यह विवाद आधुनिक राजनीतिक इतिहास का सबसे गंदा और चर्चित अध्याय बनकर रह गया है।
