-हिंदू संगठनों ने उठाए सवाल
-सीएम फडणवीस को लिखा पत्र
सामना संवाददाता / मुंबई
दुग्ध उत्पाद बनाने वाली गोकुल डेयरी के कुछ उत्पादों पर कथित रूप से हलाल प्रमाणन दिए जाने के मुद्दे ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस मामले में हिंदू समाज के कुछ प्रतिनिधियों ने महाराष्ट्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र भेजा है। पत्र में दावा किया गया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता के लिए पहले से ही विभिन्न सरकारी मानक और प्रमाणन व्यवस्थाएं मौजूद हैं, ऐसे में धार्मिक आधार पर दिए जाने वाले प्रमाणपत्रों को लेकर समाज में सवाल उठ रहे हैं।
अखिल भारतीय खटिक हिंदू समाज द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि गोकुल जैसे सहकारी ब्रांड को किसी विशेष धार्मिक पहचान से जोड़ने के बजाय सभी उपभोक्ताओं की भावनाओं का ध्यान रखना चाहिए। साथ ही राज्य सरकार से इस विषय पर स्पष्ट नीति अपनाने और मामले की जांच कराने की मांग की गई है। अखिल भारतीय खटिक हिंदू समाज के राष्ट्रीय महासचिव आर. डी. सोनकर ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में गोकुल उत्पादों पर हलाल प्रमाणन का विरोध जताते हुए कहा कि बड़ी संख्या में हिंदू उपभोक्ताओं के बीच इस मुद्दे को लेकर असंतोष है और सरकार को उनकी भावनाओं पर भी विचार करना चाहिए। उन्होंने राज्य के कृषि एवं सहकारिता क्षेत्र से जुड़े निर्णयों में सभी समुदायों के हितों को समान महत्व देने की आवश्यकता बताई है। कुछ संगठनों ने गोकुल उत्पादों पर हलाल प्रमाणन का विरोध करते हुए इसे उपभोक्ताओं की पसंद और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा विषय बताया है, जबकि इस मामले पर संबंधित संस्थाओं की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
